
हरियाणा से आया गजब का एफआरके-45 दाना: महिलाओं व बच्चों में पूरी तरह से मिटाएगा कुपोषण
कटनी. कुपोषण मिटाने के लिए समय-समय पर तमाम योजनाएं चलीं, कभी पोषण अहार तो कभी टेक होम राशन के माध्यम से इस खत्म करने प्रयास किया गया, लेकिन अभी कुपोषण का कलंक मिटा नहीं है। अब एक बार पूरी तरह से इस दंश को मिटाने के लिए कवायद की जा रही है। एक ऐसे दाने के वितरण की तैयार हो रही है जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि आयरन और मैग्नीज की मात्रा से भरा पड़ा है और 100 फीसदी कुपोषण मिटेगा।
हम बात कर रहे हैं हरियाणा राज्य में पाए जाने वाले विशेष दाने की, जिसका नाम है एफआरके-45, जिससे कुपोषण मिटता है। अब यह हर घर में वितरण होगा। घर-घर जाकर यह है कुपोषित बच्चें, कमजोर महिलाओं को तंदुरुस्त तो बनाएगा ही साथ ही अन्य लोगों को भी हष्टपुष्ट करेगा। इसके वितरण की तैयारी जिले में शुरू हो गई है। एक जुलाई से इसका वितरण होगा।
- 3600 टन प्रतिमाह जिले में होता है चावल का वितरण
- 26567 अतिकम वजन के बच्चे दर्ज हैं आंगनवाड़ी केंद्रों में
- 13730 कम वजन के बच्चे हैं जिलेभर के केंद्रों में
- 26567 गर्भवती व धात्री महिलाएं हैं कटनी जिलेभर में
यह है योजना
बता दें कि कटनी में एक जुलाई से पूरे जिले में 1800 टन चावल सामान्य दिनों वाला 1800 टन चावल नि:शुल्क वाला जो कोविड काल से वितरित हो रहा है उसका वितरण होना है। इसके लिए एफआरके-45 दाना 600 क्विंटल हरियाणा से आया है, जिसके मिश्रण का काम हो रहा है। इसमें आयरन की मात्रा अधिक रहती है, जिससे एनीमियां समाप्त हो जाएगा। हरियाणा से आए इस विशेष दाने छोटे-छोटे आकार के हैं, जिनमें आयरन और मैग्नीज प्रचुर मात्रा में है, जो कुपोषण की बीमारी पूरी तरह से देश से समाप्त करने में सक्षम बताए जा रहे हैं। यह पहल गर्भवती महिलाओं के लिए रामबाण बताई जा रही है।
फैक्ट फाइल
- 2 लाख 9 हजार 156 परिवारों में होता है चावल, गेहंू, नमक, केरोसिन का वितरण।
- 5 हजार महिला मॉडरेट व एक हजार सीवियर में हैं शामिल, स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एनीमियां से ग्रसित हैं महिलाएं।
- 1 प्रतिशत मिलाया जाएगा एफआरके, 99 प्रतिशत शामिल किया जाएगा चावल, फिर होगा राशन दुकानों से वितरण।
- 3600 टन चावल का हर माह किया जाएगा वितरण, होगी विशेष निगरानी, ताकि जरुरतमंद लोगों तक पहुंच सके दाना।
- 8 लाख 66 हजार 942 लोगों के लिए मिलता है राशन, 474 दुकानों से होता है राशन का वितरण।
- 2 लाख 40 हजार 283 किलोग्राम गेहूं, 95 हजार 272 किलोग्राम चावल का होता है वितरण।
इनको होगा वितरण
बता दें कि इस चावल का वितरण सरकारी उचित मूल्य की दुकानों से पात्र हितग्राहियों सहित, स्कूलों में बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन में, कल्याणकारी योजना के तहत, पीएमजेकेवाय और आंगनवाड़ी केंद्रों में दर्ज बच्चों के मान से एफआरके-45 युक्त चावल का वितरण किया जाएगा।
ये मिलें कर रहीं मिश्रण का काम
बता दें कि कटनी में तीन मिलों में चावल में एफआरके-45 मिश्रण का काम ताबड़तोड़ चल रहा है। ब्लंडिंग मशीन यूनियन रोलर इंडस्ट्रियल एरिया, मम्मा फूड प्रोडक्ट व श्रीनिवास इंडस्ट्रीज में काम चल रहा है। इसके 11 मिलर्स ने मशीन को ऑर्डर किया, जिसके बाद और तेजी से काम होगा। एक माह में पूरी प्रक्रिया कर चावल का वितरण सुनिश्चित कराया जाएगा।
भोपाल से पहुंचे वैज्ञानिक
बुधवार को जिले में भोपाल से वैज्ञानिक पहुंचे। इसमें वैज्ञानिक मुकेश स्वर्णकार ने जिला पंचायत संभागार में आयोजित हुई बैठक में कुपोषण दूर करने संबंधी विषयों पर गंभीरता से चर्चा की। इस बैठक में जिला खाद्य अधिकारी बालेंदु शुक्ला, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम संजय सिंह सहित खाद्य विभाग, नान सहित अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
इनका कहना है
जिले में कुपोषण को मिटाने के लिए विशेष पहल की जा रही है। हरियाणा से 600 क्विंटल एफआरके-45 दाने आए हैं जो एक क्विंटल चावल में एक किलोग्राम मिलाकर बांटे जाएंगे। उसकी तैयार चल रही है। जुलाई से यह पहल शुरू होगी।
संजय सिंह, जिला प्रबंधक नान।
Published on:
05 May 2022 09:22 pm
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