
प्रतीकात्मक
कटनी. खाकी को आम लोगों पर 'धौंस' जमाने के आपने खूब मामले देखे व सुने होंगे, (Indian Railways) लेकिन जबलपुर जोन में जीआरपी का एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। (illegally captured in railway quarters) जीआरपी (GRP) को जिस रेलवे की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है, उसी में कब्जा जमा लिया है। इसका खुलासा रेलवे द्वारा जीआरपी को जारी किए गए रिकवरी आदेश से हुआ है। रेलवे द्वारा जारी किए गए नोटिस व राशि से जीआरपी के 28 कर्मियों में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है। रकम इतनी बड़ी है कि कई कर्मचारी हैरान-परेशान हैं। बता दें कि जोन में सागर में 13, एनकेजे में 04, कटनी में एक, सतना में 09 व करेली में दो जीआरपी कर्मी रेलवे के क्वार्टरों में नियम विरुद्ध तरीके से रह रहे हैं। ये कर्मी न सिर्फ कब्जा जमाकर रह रहे हैं बल्कि जल प्रभार, विद्युत प्रभार, डेमेज रेंट भी नहीं जमा किए। रेलवे आवास क्रमांक आरबी/1/278/ए में लाल बहादुर और अशोक कुमार का नाम लिखा है, जिसमें लाल बहादुर सेवानिवृत्त के मौत स्वर्ग सिधार गए हैं वहीं अशोक कुमार कटनी जीआरपी में भी पदस्थ नहीं हैं। इसमें अब आरक्षक अरुण कुमार रह रहे हैं। वहीं जीआरपी कर्मचारियों का तर्क रहा कि अपनी जान की बाजी लगाकर रेलवे और यात्रियों की सुरक्षा करते हैं, अधिकारियों के कहने पर ही वे वहां रह रहे हैं, लेकिन रेलवे का यह बर्ताव पुलिस को मानसिक रूप से परेशान करने जैसा है।
कटनी के इन कर्मियों ने जमाया है कब्जा
कटनी जीआरपी के पांच कर्मचारी हैं जिनको रेलवे ने गलत तरीके से कब्जा जमाने में रिकवरी का नोटिस जारी किया है। इसमें इसमें सहायक उप निरीक्षक शालिकराम तिवारी आरबी/1/278/बी क्वार्टर में, आरक्षक अरुण सिंह आरबी/1/278/ए क्वार्टर में, आरक्षक लोक सिंह आरबी/1/278/सी क्वार्टर में, जंग बहादुर सिंह आरबी/1/278/डी क्वार्टर एनकेजे सहित कटनी में राकेश परतेती आरबी/1//46/एच में कब्जा किया जाना बताया गया है।
इनका कहना है
जो कर्मचारी बगैर आदेश, बिना स्वीकृति के रह रहा है उसमें रिकवरी की कार्रवाई होगी। यदि जो कर्मचारी नियम संगत रहा है तो सरकार वहन करती है। इस पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
सुनील कुमार जैन, एसआरपी।
रेलवे क्वार्टरों में कुछ जीआरपी के अधिकारी-कर्मचारी नियम विरुद्ध तरीके से रह रहे थे। जिन्हें नोटिस जारी किया गया है। क्वार्टरों में मरम्मत सहित डिस्मेंटल की कार्रवाई होना है। रेलवे द्वारा जीआरपी को सुविधा दी जाती है, उसके भी नियम हैं। न कि कब्जा करें।
डॉ. मनोज सिंह, डीआरएम।
Published on:
04 Oct 2019 11:25 am
बड़ी खबरें
View Allकटनी
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
