
unique hospital of india
कटनी. जिला अस्पताल में पिछले ५ साल से बन रहा सर्व सुविधायुक्त ट्रामा सेंटर ने अतत: मूर्त रूप ले लिया है। २०१४ से शुरू हुए ट्रामा सेंटर के निर्माण में ड्राइंग डिजाइन से लेकर बजट तक रोड़ा बना रहा, लेकिन अब सभी बाधाओं से उबरते हुए जिले वासियों की एक और बड़ी सौगात पूरी हो गई है। ट्रामा सेंटर के लिए ४ करोड़ १९ लाख रुपए का टेंडर हुआ था। ट्रामा सेंटर का जबसे निर्माण शुरू हुआ तबसे तीन बार कलेक्टर चेंज हुए थे। तीनों कलेक्टरों ने तीन बार ड्राइंग डिजाइन चेंज कराई। एक बार स्थानीय विधायक ने भी इसकी मरीजों की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उसके ढांचे को बदलवाया। पहले ड्राइंग डिजाइन में समय लगा इसके बाद शासन से भुगतान न मिल पाने के कारण निर्माण में ढाई साल की देरी हुई। खास बात यह कि ट्रामा सेंटर के बन जाने से अब सड़क दुर्घटना में गंभीर होने, गंभीर बीमारी सहित अन्य समस्या के लिए अब मरीजों व उनके परिजनों को शहर के बाहर का जल्दी से रुख नहीं करना पड़ेगा। अब सर्व सुविधायुक्त बेहतर उपचार शहर में ही मिल सकेगा।
ये रहेगा ट्रामा सेंटर में खास
ठेकेदार धर्मेंद सोनी ने बताया की नव निर्मित ट्रामा सेंटर ग्राउंड फ्लोर सहित तीन फ्लोर में बना है। ग्राउंड फ्लोर में ५ कमरे डॉक्टरों के लिए, एक वार्ड, दो लेवर रूम, एक नर्स ड्यूटी रूम, एक डॉक्टर ड्यूटी रूम, कोर्ट यार्ड एरिया, यूरिन टेस्ट रूम, मरीजों के आगवामन के लिए शेड का निर्माण कराया गया है। फस्ट फ्लोर में तीन वार्ड, चार डॉक्टर केबिन, एक पैथॉलोनी लैब, एक आई वार्ड, एक आई वार्ड की ओटी, एनआरसी सेंटर, दो लेट-बॉथ, मेजर ओटी, माइनर ओटी, वेटिंग ऐरिया, रैम्प बना हुआ। सेकंड फ्लोर में ६ प्राइवेट कमरे, दो वार्ड, एक स्टोर रूम सहित यहां पर भी शेड बना है।
मुख्य द्वार पर विशेष व्यवस्था
मुख्य द्वार पर शेड निर्माण कराया गया है। इसमें २४ घंटे स्ट्रेचर, व्हील चेयर आदि की सुविधा रहेगी। दूसरे साइड में महिला पुरुषों के लिए अलग-अलग ओपीडी पर्ची के लिए काउंटर बनाए गए हैं। मर्चुरी के मरीजों व परिजनों के लिए विशेष पार्किंग की व्यवस्था की गई है। ट्रामा सेंटर में जी-प्लस टू टॉयलेट ब्लॉक बना है। यह टॉयलेट ब्लॉक तीन फ्लोर से कनेक्ट है।
सुरक्षा के हैं खास इंतजाम
ठेकेदार धर्मेंद सोनी ने बताया की ट्रामा सेंटर में सुरक्षा का विशेष ध्यान दिया रखा गया है। ५ प्रवेश और निकासी द्वार बनाए गइ हैं। नई और पुरानी बिल्डिंग को तीन जगह से कनेक्ट किया गया है, ताकि मरीजों व परिजनों सहित स्टॉफ को परेशानी न हो। सेफ्टी के लिए आकाशीय बिजली से अस्पताल को बचाने के लिए तडि़त चालक लगाया गया है। बिजली का करंट बिल्डिंग में न दौड़े इसके लिए कॉपर बाइडिंग का विशेष उपयोग किया गया है। दो बोरवेल से ट्रामा सेंटर को कनेक्ट किया गया है ताकि पानी की समस्या न हो।
इनका कहना है
कलेक्टर के निर्देश पर वार्डों में शिफ्टिंग का काम चालू हो गया है। शीघ्र ही ट्रामा सेंटर का विधिवत उद्घाटन होगा।
डॉ. एसके शर्मा, सिविल सर्जन।
Published on:
24 Apr 2018 12:11 pm

बड़ी खबरें
View Allकटनी
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
