
Incidents at Katni Station
कटनी. टे्रनों में सुरक्षित सफर मानकर लोग पूरी निश्चिंतता के साथ यात्रा करते हैं, लेकिन कटनी जंक्शन व मुड़वारा स्टेशन के यात्रियों के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं। इसकी मुख्य वजह यह है कि शहर में पुलिस का खौफ न होने से बदमाश बेखौफ हैं। उनमें यात्रियों के साथ लूट और चोरी के बाद दुस्साहस इस कदर बढ़ गया है कि वे अब पुलिस पर ही हमला करने लगे हैं। हर दिन 4 से 5 यात्रियों के मोबाइल तो पार हो ही रहे हैं साथ ही चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं। कटनी स्टेशनों के आउटरों में लगातार हो रही वारदातों ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस की मुस्तैदी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं दूसरी ओर जीआरपी पर हमला करने वाले बदमाश तीन बाद भी गिरफ्त से बाहर हैं।
रेल यात्रियों के लिए कटनी स्टेशन और इसके आउटर क्षेत्र खतरनाक बनते जा रहे हैं। ट्रेन के आउटर पर धीमी गति होते ही चोर-उचक्के पलक झपकते यात्रियों को निशाना बना रहे हैं। बैग, मोबाइल, और लेडीज पर्स छीनने की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। बदमाश खिडक़ी से चैन स्नेचिंग कर या डंडे से हमला कर यात्रियों का सामान लूटते हैं। चारों तरफ से आउटर असुरक्षित हैं। घटनाओं में लगाम लगाने के लिए रेलवे द्वारा यहां पर न तो सुरक्षा जालियां लगवाई जा रहीं और ना ही ट्रेनों को आउटर में रोकने का क्रम बंद किया जा रहा।
सुरक्षा पर खड़े हो रहे सवाल
भले ही आरपीएफ और जीआरपी सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास करने का दावा कर रही हो, लेकिन बदमाशों के बढ़ते हौसले यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहे हैं। बदमाश दुस्साहस करते हुए पुलिस पर ही हमला करने लगे हैं। पूर्व में ही गंभीर वारदात हो चुकी हैं। जरूरत है कि यात्रियों को अधिक सतर्क किया जाए, प्रशासन को और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। हर जिम्मेदार विभाग को यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि रखनी होगी।
जीआरपी में 40 फीसदी स्टॉफ की कमी
सुरक्षा में ढील की मुख्य वजहों में से जीआरपी थाने में स्टॉफ की कमी भी प्रमुख कारण हैं। यहां पर 92 अधिकारी-कर्मचारियों का स्टॉफ स्वीकृत है, लेकिन तैनाती सिर्फ 59 लोगों की है। 10 उप निरीक्षक के स्थान पर सिर्फ 2, 13 सहायक उप निरीक्षक के स्थान पर सिर्फ 7, 18 प्रधान आरक्षक के स्थान पर 17 व 50 आरक्षक के स्वीकृत पद के विरुद्ध 32 की ही तैनाती है।
कैमरों के प्रस्ताव पर नहीं अमल, 6 पड़े बंद
जीआरपी द्वारा स्टेशनों के आउटर में 30 से अधिक कैमरे लगाए जाने का प्रस्ताव बनाया गया था। अबतक सिर्फ 16 कैमरे ही लगे हैं, जिनमें से 6 कैमरे बंद पड़े हैं। इनमें से चार कैमरों को बदमाशों ने चोरी कर लिया था, ताकि वे आसानी से घटनाओं को अंजाम दे पाएं, जिन्हें जीआरपी ने एक बदमाश के पास से जब्त कर लिया है। 20 और कैमरे लगाने की योजना ठंडे बस्ते में है। बता दें कि आउटर में कैमरे लगने से घटनाओं में बड़ा ब्रेक लगा है, इसके बाद भी रेलवे व पुलिस मुख्यालय सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है।
ये है कटनी जंक्शन के खतरनाक आउटर
आरपीएफ करा रही पहरेदारी
आउटर में बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) खिरहनी फाटक और अधारकाप बस्ती के समीप अस्थाई चौकी स्थापित कर आरक्षकों को तैनात किया गया है। ट्रेनों की 24 घंटे पेट्रोलिंग कराई जा रही है। रात में टॉर्च की रोशनी से आउटर क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। हालांकि इन दिनों बल के प्रयागराज जाने से निगरानी में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। लगातार निगरानी व कार्रवाई के बाद भी बदमाश अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे।
कैसे देते हैं बदमाश वारदात को अंजाम…
चोर स्टेशन से एक-दो स्टेशन पहले ट्रेन में चढ़ जाते हैं और यात्रियों पर नजर रखते हैं। जैसे ही ट्रेन कटनी जंक्शन, मुड़वारा स्टेशन या साउथ रेलवे स्टेशन पहुंचती है, बदमाश अपना काम कर फरार हो जाते हैं। खिरहनी फाटक क्षेत्र बदमाशों का प्रमुख ठिकाना बन गया है। यहां ट्रेनों के धीमी होते ही गेट और खिडक़ी के पास बैठे यात्रियों पर डंडा मारकर या झपट्टा मारकर मोबाइल और अन्य सामान छीनकर रफुचक्कर हो जाते हैं। इसके अलावा ट्रेनों में सीट आरक्षित कराकर भी बदमाश वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। वारदातों में नाबालिगों को भी शामिल किए रहते हैं, ताकि पकड़े जाने पर कार्रवाई में राहत मिल जाए।
यात्रियों के लिए सुझाव
स्थानीय पुलिस बच रही जिम्मेदारी से
बदमाश व लुटेरों ने रेलवे क्षेत्र को सुरक्षित ठिकाना बना लिया है। दिनदहाड़े व रात में आसानी से वारदात को अंजाम देकर भाग निकलते हैं। दूसरी ओर मप्र पुलिस घटनास्थल जीआरपी का होना बताकर अपनी जिम्मेदारी से बच निकलती है। जबकि बदमाश रेलवे क्षेत्र के बाहर ही वारदात की प्लानिंग, ट्रेनों की रैकी व आसपास के क्षेत्रों में निवास कर रहे है और वारदात कर रहे हैं। घटनाओं को रोकने जीआरपी, आरपीएफ के साथ समन्वय प्रयास से अपराधों पर लगाम लगाना होगा।
यह हो चुकी हैं गंभीर घटनाएं
वर्जन
कटनी स्टेशन के आउटर में हो रहीं घटनाएं गंभीर हैं। जीआरपी पर हमला गंभीर विषय है। अपराधिक घटनाओं को इनको रोकने के लिए समीक्षा की जाएगी। सुरक्षा उपायों को लेकर आवश्यक पहल होगी। सीसीटी कैमरे बढ़ाए जाएंगे। आरपीएफ, जीआपी पुलिस चौकसी बरते, यह व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।
कमल कुमार तलरेजा, डीआरएम।
Published on:
20 Jan 2025 09:32 pm
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