22 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महानगरों की तर्ज पर बनना है अंतर्राज्यीय बस स्टैंड, लैंडयूज न बदलने से अटका आइएसबीटी

ट्रांसपोर्ट नगर के पास 6 हेक्टेयर जमीन पर 350 बसों की क्षमता वाला बनेगा आइएसबीटी, आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया बस स्टैंड, लेआउट प्लान तैयार, नगर निगम को कराना है निर्माण, धीमी प्रक्रिया पर अफसर व जनप्रतिनिधि नहीं दे रहे ध्यान

3 min read
Google source verification

कटनी

image

Balmeek Pandey

Apr 22, 2026

Inter-state Bus Stand in Katni

Inter-state Bus Stand in Katni

कटनी. शहरवासियों और बस यात्रियों को जल्द ही राहत दिलाने के लिए महानगरों की तर्ज पर पुरैनी में अंतर्राज्जीय बस स्टैंड का निर्माण कराया जाना है। 2017 में हुई मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अबतक यह योजना शहर में मूर्त रूप नहीं ले पाई है। यह परियोजना परिवहन विभाग और प्रशासन के अधीन थी, लेकिन अब इसकी जिम्मेदारी नगर निगम को सौंप दी गई है। नगर निगम द्वारा इस योजना पर एकदम सुस्त गति से काम किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा 3 जुलाई को ट्रांसपोर्ट नगर के समीप 6 हेक्टेयर से अधिक भूमि भी इसके लिए आवंटित कर दी गई है।
भूमि आवंटन के बाद नगर निगम द्वारा शहर में अंतर्राज्यीय बस स्टैंड (आईएसबीटी) बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है, लेकिन सुस्ती समस्या है। बस स्टेंड का निर्माण शीघ्र हो, इसको लेकर नगर निगम के अफसर व जिम्मेदार जनप्रतिनिधि बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं।

यह होगा बस स्टैंड का स्वरूप

नए आईएसबीटी में एक साथ लगभग 300 से 350 बसों के खड़े होने और संचालन की व्यवस्था होगी, जिससे शहर में बस परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। वर्तमान में शहर का प्रियदर्शनी बस स्टैंड प्रतिदिन करीब 220 बसों के संचालन का भार संभाल रहा है, लेकिन यहां जगह और सुविधाओं की कमी के चलते यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

नए बस स्टैंड में यह होंगी सुविधाएं

नगर निगम द्वारा तैयार किए जा रहे इस नए आईएसबीटी को पूरी तरह आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। इसमें बसों के लिए अलग बस-वे और बस डिपो, यात्रियों के लिए विशाल प्रतीक्षालय, कार और अन्य वाहनों के लिए अलग पार्किंग, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, स्वच्छ पेयजल, बिजली, सडक़, प्रसाधन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग को ध्यान में रखते हुए चार्जिंग स्टेशन की व्यवस्था भी की जाएगी। यह बस स्टैंड न केवल यात्रियों को सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि शहर के ट्रैफिक दबाव को भी कम करने में सहायक साबित होगा। वर्तमान बस स्टैंड की तुलना में यह कहीं अधिक बड़ा और सुव्यवस्थित होगा।

डीपीआर प्रक्रिया जारी, कास्टिंग निर्णय शेष

जमीन आवंटन के बाद नगर निगम ने आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है। नगर निगम द्वारा टीएनसीसी से लैंडयूज परिवर्तन कराने के लिए प्रक्रिया कर रहा है। फिलहाल वास्तुविद के माध्यम से डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कराई गई है, जिसके आधार पर निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि निर्माण कार्य नगर निगम स्वयं करेगा या फिर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर कराया जाएगा। इस संबंध में अंतिम निर्णय एमआईसी और नगर निगम परिषद की बैठक में लिया जाएगा।

पत्राचार तक सीमित योजना, जमीन पर काम शुरू होने का इंतजार

हालांकि इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर नगर निगम द्वारा पिछले कई महीनों से केवल पत्राचार ही किया जा रहा है। अब तक निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो सका है, जिससे शहरवासियों में निराशा देखने को मिल रही है। इस परियोजना को लेकर न तो अधिकारी गंभीरता दिखा रहे हैं और न ही जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस पहल सामने आई है। वर्तमान में कटनी से प्रतिदिन लगभग 15 से 17 हजार यात्री बसों के माध्यम से विभिन्न जिलों और राज्यों की यात्रा करते हैं। मौजूदा बस स्टैंड की सीमित क्षमता और सुविधाओं की कमी के कारण यात्रियों को असुविधा होती है। ऐसे में नया आईएसबीटी बनने से न केवल यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और आरामदायक वातावरण मिलेगा, बल्कि शहर की परिवहन व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।

वर्जन

आइएसबीटी के लिए प्रक्रिया चल रही है। लेंडयूज बदलने के लिए टीएनसीपी को आवेदन किया है था, लेआउट की स्वीकृति के लिए भी पत्र भेजा गया था। उनके यहां से पत्र आया है कि यहां से ट्रांसपोर्ट का रास्ता है और एग्रीकल्चर प्रयोजन के लिए जमीन है, जिसका मद परिवर्तन के लिए प्रक्रिया होगी। प्लान लेआउट स्वीकृत हो गया है। इसके बाद कास्टिंग निकाली जाएगी।

योगेश पवार, सीओओ, नगर निगम।