
Investigation of farmers to catch corruption
कटनी. जिले में एक दिसंबर से समर्थन मूल्य पर किसानों से 89 केंद्रों में धान खरीदी चल रही है। 1082 किसानों से 9573 मैट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। कलेक्टर द्वारा कराई गई जांच में रीठी तहसील में पंजीयन में सामने आए बड़े फर्जीवाड़े के बाद जिलेभर में जांच कराई जा रही है। जिले की सभी 9 तहसीलों कटनी नगर, कटनी, विजयराघवगढ़, बरही, बड़वारा, ढीमरखेड़ा, स्लीमनाबाद, बहोरीबंद व रीठी तहसील के 20-20 बड़े पंजीयन व खातेदार किसानों की जांच कराई जा रही है। इस जांच में यह देखा जा रहा है कि किसानों ने धान की बोनी का जो रकबा चढ़वाया गया है, उसके अनुसार उनके घर, गोदाम आदि में धान भंडारित है कि नहीं।
बता दें कि कि हर वर्ष की तुलना में जिले में इस बार रिकॉर्ड पंजीयन किसानों ने कराए हैं। 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने के लिए 53 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था और 49 हजार किसानों ने सरकार को धान बेची थी। किसानों से सरकार ने 4 लाख 11 हजार मैट्रिक धान खरीदी थी, लेकिन इस साल रिकॉर्ड 62 हजार किसानों ने समर्थन मूल्य में धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है। इस साल 4 लाख 75 हजार मैट्रिक टन से अधिक धान उपार्जित होने का अनुमान है, जो अपने आप में एक शंका पैदा कर रहा है। वहीं दूसरी ओर 2300 सिकमी कृषक हैं, उनका भी परीक्षण किया जा रहा है।
जिले में धान खरीदी के लिए 89 केंद्र बनाए गए हैं, इसमें से अधिक वेयर हाउस स्तरीय हैं और शेष ओपन हैं। वहीं पांच केंद्र महिला सशक्तिकरण का संदेश देने के लिए महिला स्व सहायता समूह को सौंपे गए हैं। इसमें बरही क्षेत्र का करेला, हदरहटा नंबर एक व दो, पिपरियाकला नंबर-2, बगैया केंद्र शामिल है।
जिले में बनाए गए 89 धान खरीदी केंद्रों में से 45 में खरीदी शुरू हो गई है। 1080 कृषकों से 9573 मैट्रिक टन धान खरीदी गई है। 3780 मैट्रिक टन धान वेयर हाउसों में परिवहन के लिए तैयार है। 590 मैट्रिक टन धान का ही परिवहन हो पाया है, 8 हजार 983 मैट्रिक टन धान का परिवहन शेष है।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए पंजीकृत सिकमी, बटाईदार किसानों के पंजीयन के पुन: सत्यापन के लिए संयुक्त जांच दल गठित किया है। कलेक्टर ने इस दल को 12 दिसंबर तक सत्यापन का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। 12 दिसंबर तक सत्यापन का कार्य पूर्ण कर ई-उपार्जन पोर्टल पर कृषकों को सत्यापित कर लिया जाएगा, इसलिए अब सत्यापन उपरांत ही सिकमी, बटाईदार कृषकों के स्लॉट बुक किए जा सकेंगे। सभी सिकमी, बटाईदार कृषकों से कहा गया है कि 12 दिसंबर तक उपज लेकर उपार्जन केन्द्र पर नहीं आएंगे।
वर्जन
जिले में किसानों के करबे का सही पंजीयन हुआ है या नहीं इसकी जांच कराई जा रही है। सभी तहसीलों के 20-20 बड़े खादाधारकों का परीक्षण राजस्व, खाद्य विभाग व सहकारिता विभाग द्वारा किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
सज्जन सिंह परिहार, जिला खाद्य अधिकारी।
Updated on:
06 Dec 2025 09:06 pm
Published on:
06 Dec 2025 09:06 pm
