
Investigation of Ganja smuggler constable caught in GRP Katni
कटनी. साउथ रेलवे स्टेशन से शहडोल जीआरपी में पदस्थ आरक्षक दिगपाल सिंह के मामले में जीआरपी की जांच दूसरे दिन भी जारी रही। इसमें एक और गंभीर कड़ी जुड़ गई है। गांजा तस्करी में संलिप्तता को लेकर आरपीएफ शहडोल के एक आरक्षक की भी भूमिका संदिग्ध पाई गई है। मोबाइल पर हुई बातचीत के आधार पर आरपीएफ की भूमिका की भी जांच शुरू हो गई है। बुधवार को आरोपी के बैंक खाते भी खंगाले गए हैं। जानकारी के अनुसार आरोपी दिगपाल के तीन बैंक खाते मिले हैं। दो बैंक खाते भारतीय स्टेट बैंक शहडोल व एक एचडीएफसी में मिले हैं। जीआरपी ने बुधवार को शहर के दोनों बैंकों में जाकर स्टेटमेंट निकलवाया। वेतन का खाता एसबीआइ में पाया गया। एक खाता पत्नी का भी मिला है। वह सतना से संचालित होना पाया गया है। उसमें 19 जनवरी को 36 हजार हजार, 41 हजार 350 रुपये फिर जमा हुआ, 21 जनवरी को 35 हजार 37 रुपये सहित अन्य कई बार हजारों रुपये जमा हुए हैं। जबकि वेतन वाले खाते में 88 हजार रुपये का बैलेंस मिला है। बता दें कि कटनी जीआरपी ने 2 दिसंबर की रात साउथ रेलवे स्टेशन से जीआरपी शहडोल में पदस्थ आरक्षक आरोपी दिगपाल सिंह (53) के पास से 43 किलो 500 ग्राम कीमती 4 लाख 35000 का गांजा जब्त किया था। मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी डीपी चड़ार टीम के साथ दबिश देकर आरोपी को दबोचा।
आरपीएफ आरक्षक से हुई बात
जांच में यह तथ्य सामने आए हैं कि आरोपी दिगपाल की आरपीएफ शहडोल में पदस्थ आरक्षक विकास कुमार से भी बात हुई है। विकास ने कहा है कि अकाउंट नंबर बताइये
खाते में रुपये डल जाएंगे। विकास कुमार 26 नवंबर से अवकाश लेकर इलाहाबाद में होना बताया गया है, जिससे भी जीआरपी कटनी ने पूछताछ की है। जीआरपी आरपीएफ आरक्षक की भी कॉल डिटेल खंगाल रही है।
खास-खास:
- गांजा तस्करी में पकड़े जाने के बाद एसपी ने किया आरक्षक को निलंबित, तीन दिन की रिमांड में चल रही पूछताछ।
- गांजा कार्रवाई को लेकर किसी को नहीं दी सूचना, पकड़े जाने के बाद शहडोल जीआरपी को दी खबर।
- विभाग ने आरक्षक के निर्दोष बताने दिया समय, नहीं दे पाया दो दिन में कोई प्रमाण, शहडोल प्लेटफॉर्म से गायब होने पर खड़े हुए सवाल।
- ट्रेनों में आरपीएफ और जीआरपी सुरक्षा के लिए रहती है तैनात, इसके बाद भी व्यापक पैमाने पर हो रही गांजे व शराब की तस्करी।
इनका कहना है
आरोपी आरक्षक की शहडोल आरपीएफ में पदस्थ आरक्षक विकास कुमार से गांजा तस्करी को लेकर व रुपयों के लेनदेन की बात हुई है। आरोपी के तीन खाते जांच में मिले हैं। उसमें वेतन के बाद भी कई बार हजारों रुपये जमा हुए हैं। पूछताछ की जा रही है।
डीपी चड़ार, जीआरपी।
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गांजा की तस्करी करते गिरफ्तार आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है। उसने पकड़े जाने के बाद शहडोल थाना प्रभारी को सूचना दी थी। आरक्षक के पास अपने आप को निर्दोष साबित करने का कोई प्रमाण नहीं है। इसमें वह प्रथम दृष्टया दोषी है। पूरे मामले की जांच जारी है।
सुनील कुमार जैन, एसआरपी।
Updated on:
06 Dec 2019 11:56 am
Published on:
06 Dec 2019 11:31 am
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