
कटनी. विजयराघवगढ़ में संचालित एसीसी अडानी अमेहटा कैमोर प्लांट में शनिवार को कोयला और लेटराइट के भंडारण की जांच करने खनिज व राजस्व विभाग की टीम ने दस्तक दी। करीब दो घंटे तक दोनों ही विभागों की टीम प्लांट के अंदर अलग-अलग स्थानों पर नापजोख करती है और पंचनामा कार्रवाई की गई। चर्चाएं है कि मामला प्लांट के अंदर बिना अनुमति खनिज के भंडारण से जुड़ा हुआ है। हालांकि जिले के अधिकारी जांच के निष्कर्ष की जानकारी देने से कतरा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार एसीसी अडानी कंपनी का नया प्लांट अमेहटा में संचालित है, जिसमें गत वर्ष से सीमेंट बनाने का कार्य किया जा रहा है। शनिवार दोपहर करीब तीन बजे विजयराघवगढ़ एसडीएम महेश मंडलोई के नेतृत्व में राजस्व व खनिज विभाग का अमला प्लांट पहुंचा। टीम में विजयराघवगढ़ तहसीलदार भी शामिल रहे। करीब दो घंटे टीम प्लांट के अंदर मौजूद रही और जांच पड़ताल करती रही।
भंडारण की हुई जांच
जानकारी के अनुसार अमहेटा प्लांट में भारी मात्रा में लेटराइट, लाइमस्टोन व कोयले का भंडारण किया गया है, जिसकी जांच दो विभागों की संयुक्त टीमों ने की। टीम द्वारा प्लांट प्रबंधन से खनिज से संबंधित दस्तावेज भी मांगे गए है, जिसका सत्यापन किया जाएगा।
जानकारी देने से कतरा रहे अधिकारी
माइनिंग टीम में शामिल होकर जांच करने पहुंचे अधिकारी भी कुछ कहने से कतरा रहे है। खनिज विभाग प्रभारी अधिकारी संस्कृति शर्मा का कहना है कि खनिज व राजस्व अमला एसीसी अडानी अमेहटा प्लांट में गया था। यह रूटीन जांच है।
इनका कहना
माइनिंग व राजस्व विभाग की टीम ने संयुक्त रूम से एसीसी अडानी अमेहटा कैमोर प्लांट में विजिट किया गया है। प्लांट में लेटराइट व लाइमस्टोन पाया गया है, जिसे आइडेंटीफाई किया है। दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अधिक जानकारी माइनिंग विभाग के अधिकारी दे सकते हैं। यह रूटीन जांच है।
महेश मंडलोई, एसडीएम, विजयराघवगढ़
Published on:
02 Feb 2025 08:41 pm
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