13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कटनी विकास प्राधिकरण: 12 साल में 13 बार बदले अध्यक्ष, काम एक भी नहीं

आमजनों से जुड़ी परियोजनाएं कागजों तक सीमित.

2 min read
Google source verification
kda

केडीए का कार्यालय.

राघवेंद्र चतुर्वेदी कटनी. आम नागरिकों की सुविधा के लिए 3 जुलाई 2009 से अस्तित्व में आई कटनी विकास प्राधिकरण (केडीए) एक ऐसा सरकारी प्राधिकरण बन गई है, जिसमें 12 साल में एक भी योजना कागजों से बाहर निकलकर जमीन पर नहीं उतरी। इन 12 वर्षों के दौरान केडीए में अध्यक्ष 13 बार बदले गए। बड़ी बात यह है कि इसमें 11 प्रशासनिक अधिकारी रहे हैं।

कटनी विकास प्राधिकरण सस्ते दर पर झिंझरी में आवासीय परियोजना को लेकर दस साल से काम कर रही है, और इतने वर्षों के बाद भी योजना प्रस्ताव तक ही सीमित रह गई। केडीए की इस कछुआ चाल को जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के साथ ही निजी बिल्डरों के प्रभाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। जानकार बताते हैं कि केडीए की योजना मूर्तरुप लेती तो लोगों को सस्ते दर पर आवास की सुविधा मिलती और निजी बिल्डर अपने आवास की मनमानी कीमत नहीं रख पाते।

नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस नेता मिथिलेश जैन बताते हैं कि केडीए को कटनी शहर के लोग कागजी घोड़ा दौड़ाने के लिए जानेंगे। एक दशक में कोई विभाग एक भी काम नहीं कर पाए ता प्रदेश की भाजपा सरकार को भी इस बारे में चिंतन करना चाहिए।

वहीं केडीए के अध्यक्ष व कलेक्टर प्रियंक मिश्रा बताते हैं कि 70.6 हेक्टेयर में टाउनशिप का प्रस्ताव भोपाल भेजा गया है। वहां से पास होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

केडीए अध्यक्ष का कार्यालय बना कर्मचारी का विश्राम स्थल, अध्यक्ष की कुर्सी के पीछे लटक रहे कपड़े -
यह तस्वीर एक सप्ताह पहले की है, जब केडीए के कटनी शहर स्थित कार्यालय में अध्यक्ष कक्ष में कुर्सी के पीछे कर्मचारी का विश्राम करने के दौरान उपयोग में लाई जाने वाले कपड़े लटक रहे हैं। लोगों ने बताया कि केडीए में अध्यक्ष कभी नहीं आते हैं, इसलिए कर्मचारियों ने इस कक्ष को विश्राम स्थल बना लिया है। हालांकि पत्रिका द्वारा फोटो लिए जाने के साथ ही कर्मचारी हरकत में आए और व्यवस्था में सुधार कर लिया।

लापरवाही के ये दो बड़े उदाहरण
- केडीए में किसी भी परियोजना में बेपरवाही का बड़ा उदाहरण रही है झिंझरी आवासीय परियोजना। 2011 में 210 एकड़ में प्रस्तावित यहआवासीय परियोजना में 10 साल में पूरी नहीं हुई तो फरवरी 2021 में प्रदेश सरकार ने इस परियोजना को यह कहकर निरस्त कर दिया कि इसमें 10 साल के दौरान दस प्रतिशत से भी कम काम हुआ है।
- राज्य सरकार ने फरवरी 2021 में यानी बीते वर्ष 210 एकड़ की आवासीय परियोजना को निरस्त की थी। इसके बाद केडीए ने छोटे-छोटे आवासीय योजना पर काम करने का निर्णय लिया। जानकर ताज्जुब होगा एक साल में केडीए के जिम्मेदार 70.6 हेक्टेयर में दूसरी टाउनशिप का प्रस्ताव बनाकर भोपाल ही भेज सके हैं। वह भी कुछ दिन पहले।

केडीए के अध्यक्षों का कार्यकाल
- एम सेल्वेंद्रन 3-7-2009 से 26-11-2012
- अशोक कुमार सिंह 3-1-2012 से 8-8-2012
- ध्रुव प्रताप सिंह 9-8-12 से 25-5-14
- अशोक कुमार सिंह 26-5-14 से 7-9-14
- विकास सिंह नरवाल 8-9-14 से 5-1-2016
- प्रकाश जांगरे 7-1-2016 से 24-6-2016
- विशेष गढ़पाले 20-7-2016 से 24-8-2016
- ध्रुव प्रताप सिंह 26-8-2016 से 11-12-2018
- विशेष गढ़पाले 11-12-2018 से 13-3-2018
- केवीएस चौधरी 13-3-2018 से 7-3-2019
- डॉ. पंकज जैन 7-3-2019 से 4-6-2019
- एसबी सिंह 4-6-2019 से 10-12-2019
- प्रियंक मिश्रा 10-12-2019 से वर्तमान में.
(इसमें दो कार्यकाल में शासन द्वारा नामांकित ध्रुव प्रताप सिंह को छोड़कर सभी प्रशासनिक अधिकारी हैं.)