
Madhavrao Scindia Smarak Katni
कटनी. मोटे मजबूत पट्टे का गले में कसकर डाला गया फंदा, जेसीबी के बकेट में लटकी यह मूर्ति, बेकद्री के साथ स्मारक से हटाकर दूसरे स्थान पर प्रतिमा को लेकर जाते हुए श्रीजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी…। यह दृश्य है पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व माधवराव सिंधिया की प्रतिमा का। दरअसल नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा नेशनल हाइवे-30 पीरबाबा से चाका बाइपास का उन्नयनन कराया जा रहा है। यह काम 2020 से चल रहा है। 193 करोड़ रुपए से काम कराया जा रहा है। 22 माह में काम पूरा हो जाना था, लेकिन अभी भी 20 फीसदी शेष है। चाका बाइपास में फ्लाइओवर का निर्माण कराया जा रहा है, ठीक बाजू में जहां पर सडक़ का जंक्शन बनना है, वहां पर पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया का स्मारक आ गया है।
इस पर एनएचएआई ने प्रशासन से मांग रखी कि वहां से स्माकर हटाया जाना है, जहां पर स्थान नियत किया जाए, वहां प्रतिमा शिफ्ट कर दी जाएगी। विभाग ने प्रशासन से अनुमति लेकर शुक्रवार को प्रतिमा को शिफ्ट कर दिया गया है, कुछ ही दूरी पर स्माकर बनाकर मूर्ति रख दी गई है, अभी सौंदर्यीकरण का काम कराया जाना है। प्रतिमा स्थापना के दौरान असामान्य तरीके से उसे हटाया गया है। इस मामले को लेकर साइड इंजीनियर हेमंत गौतम का कहना है कि कर्मचारियों को पकडकऱ व्यवस्थित तरीके से मूर्ति शिफ्ट करने कहा था, पता नहीं कैसे हो गया। इस मामले को लेकर चंद्रशेखर अग्निहोत्री का कहना है कि इस तरह बेदर्दी के साथ प्रतिमा को हटाने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रतिमा एवं स्मारक को संरक्षित कराने पत्राचार
वहीं दूसरी ओर सांसद प्रतिनिधि पद्मेश गौतम ने कलेक्टर दिलीप यादव को पत्र लिखकर स्मारक संरक्षित कराए जाने मांग की है। कहा है कि कटनी शहडोल बायपास में पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. माधवराव सिंधिया की प्रतिमा लगभग 20 वर्ष पूर्व स्थापित की गई थी। उक्त स्थल पर फ्लाईओवर निर्माणधीन है, जिसके कारण स्मारक क्षतिग्रस्त कर दिया गया है एवं प्रतिमा भी ढहने की स्थिति में है। तत्काल पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व माधवराव सिंधिया की प्रतिमा को संरक्षित कराने मांग की है।
वर्जन
असामान्य तरीके से मूर्ति को शिफ्ट नहीं कराया गया। जहां पर माधवराव सिंधिया का स्मारक बना था वहां पर नेशनल हाइवे-30 चाका बाइपास का जंक्शन आ गया है, इसलिए स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेकर बड़े ही सम्मान पूर्वक कुछ ही दूरी पर प्रतिमा को शिफ्ट किया गया है। कुछ दिनों बाद वहां पर सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।
आनंद प्रसाद, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई।
Updated on:
16 Nov 2024, 8:45 PM IST
Published on:
16 Nov 2024, 8:45 PM IST
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