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बालिका छात्रावास में दिनभर डेरा जमाए रहते हैं अधीक्षक पति, जारी है यह मनमानी, देखें वीडियो

- नगर परिषद बरही में संचालित बालिका छात्रावास में एक अधीक्षक की मनमानी का मामला सामने आया है। प्रतिबंध के बाद भी दिनभर अधीक्षिका के पति बालिका छात्रावास में रहते हैं और उन्हीं के द्वारा व्यवस्थाएं संचालित की जा रही है। - जानकारी के अनुसार बरही में 50 सीटर आदिवासी बालिका छात्रावास का संचालन हो रहा है। यहां पर अधीक्षिका जानकी विश्वकर्मा हैं। बताया जा रहा है कि तहसील कार्यालय के समीप 50 सीटर आदिवासी बालक छात्रावास भी संचालित है। - यहां के अधीक्षक जानकी के पति रूपलाल विश्वकर्मा हैं।

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Balmeek Pandey

Aug 10, 2019

कटनी/बरही. नगर परिषद बरही में संचालित बालिका छात्रावास में एक अधीक्षक की मनमानी का मामला सामने आया है। प्रतिबंध के बाद भी दिनभर अधीक्षिका के पति बालिका छात्रावास में रहते हैं और उन्हीं के द्वारा व्यवस्थाएं संचालित की जा रही है। जानकारी के अनुसार बरही में 50 सीटर आदिवासी बालिका छात्रावास का संचालन हो रहा है। यहां पर अधीक्षिका जानकी विश्वकर्मा हैं। बताया जा रहा है कि तहसील कार्यालय के समीप 50 सीटर आदिवासी बालक छात्रावास भी संचालित है। यहां के अधीक्षक जानकी के पति रूपलाल विश्वकर्मा हैं। रूपलाल न सिर्फ बालक बल्कि बालिका छात्रावास का संचालन करते हैं। यहां की भी पूरी व्यवस्था इन्हीं के द्वारा देखी जाती है। गेट पर ही छात्रावास में लिखा हुआ है कि पुरुषों का प्रवेश वर्जित है, इसके बाद भी अधीक्षक का यहां पर जाना विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।

 

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यहां भी जारी है मनमानी
सूत्रों की मानें तो दोनों छात्रावास में जमकर मनमानी जारी है। बालक छात्रावास में बच्चों के लिए खेलकूद की कोई व्यवस्था नहीं है। विद्यार्थियों ने यह भी बताया कि अधीक्षक रूपलाल विश्वकर्मा से सामग्री खरीदने के लिए कई कहा गया, लेकिन ध्यान नहीं देते। बच्चे खेलकूद से वंचित हैं। वही पूरा सत्र समाप्त हो जाता है बच्चों को हॉस्टल में पढ़ाने वाला कोई नहीं है। हॉस्टल में पढ़ाई नहीं होती है। इसके अलावा बच्चे कम रहते हैं, लेकिन हाजिरी सबकी लगती है।

इनका कहना है
मेरा रहवास बालक छात्रावास में है। मैं बालिका छात्रावास के अंदर नहीं जाता। पत्नी वहां पर अधीक्षिका है। आपके पास जो वीडियो हैं उसमें मैं कहां पर दिख रहां हूं। मैं तो कमरों में जाता ही नहीं। परिसर के अंदर तक चला जाता हूं। पंखा आदि खराब होने पर ठीक करवाता हूं। कुछ काम पडऩे पर ही जाता हूं।
रूपलाल विश्वकर्मा, अधीक्षक बालक छात्रावास बरही।