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शौचालय बनवाने बहू से मांग रहे थे रुपये, नहीं दिए तो सास व ननद ने किया ऐसा काम

बहू की हत्या के आरोप में मां व बेटी का आजीवन कारावास की सजा

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Court sentenced to 14 years

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कटनी. मिट्टी का तेल डालकर बहू को जिंदा जलाकर मार डालने के आरोप में जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदातल ने सास व ननद को आजीवन करावास की सजा का फैसला सुनाया हंै। अर्थदंड से भी दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक (डीडीपीओ) विजय कुमार उइके ने बताया कि 2 जून 2010 को मृतिका वंदना की गनियारी निवासी रामकेश पांडे के साथ शादी हुई थी। शादी के तीन साल बाद 18 सितंबर 2013 को पुलिस चौकी अस्पताल को सूचना मिली कि वंदना पांडे आग में झुलस गई है और इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। यहां पर पहुंची पुलिस ने मरने से पहले वंदना के बयान दर्ज किए। मृतिका के बयान के आधार पर कुठला पुलिस ने सास व ननद के खिलाफ धारा 304बी, 302, व 34 के तहत प्रकरण दर्ज किया और पूछताछ शुरू की। इस पर साक्षियों ने बताया कि सास व ननद आए दिन छोटी-छोटी बातों को लेकर बहू को प्रताडि़त करते थे। शौचालय बनवाने, घर पर एक अलग से कमरा बनवाने के लिए पैसे की मांग की जाती थी। 18 सितंबर को 13 को सास पार्वतीबाई पांडे व छपरवाह निवासी ननद ज्योति शुक्ला ने वंदना के ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। सबूतों के आधार पर अदालत ने बहू की हत्या के आरोप में मां व बेटी को दोषी माना। दोनों को आजीवन करावास की सजा सुनाई और एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इधर, संचालक लोक अभियोजन पुरूषोत्तम शर्मा द्वारा प्रकरण की समीक्षा की गई और पैरवीकर्ता अधिकारी का मार्गदर्शन किया।

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