कटनी. मंगलवार की सुबह से लेकर देरशाम तक शहर की नजारा कुछ अलग ही रहा। मुख्य मार्ग व गोलबाजार में लगने वाला जाम दूर-दूर तक नजर नहीं आया। इसकी मुख्य वजह थी नगर निगम, राजस्व अमला व यातायात पुलिस द्वारा की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई। सुबह 11 बजे से मिशन चौक से कार्रवाई शुरू हुई और दो बजे तक स्टेशन चरौहे तक चली। इस दौरान जेसीबी से अतिक्रमण दस्ते द्वारा दुकानों के सामने अनाधिकृत रूप से लगे शेडों व होर्डिंग्स, बैनर को अलग किया गया। फुटपाथ पर जमे कारोबारियों को अलग किया गया। शोरूम में दुकान संचालकों द्वारा सड़क पर सजाई दुकानों को सख्त हिदायत देकर अलग कराया गया। बुधवार से अपने दायरे में दुकान लगाने कहा गया। जैसे ही अमला गोलबाजार एरिया में कार्रवाई करने के बाद दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के आगे पहुंचा तो वहां पर पावना कलेक्शन के संचालक को शेड हटाने कहा गया, लेकिन ऊपर होने के बात कह हटाने से मना कर दिया गया। इस पर दस्ते ने जेसीबी से तोड़ दिया। इस पर कारोबारी भड़क गया और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट रविंद्र पटेल की वीडियोग्राफी करते हुए कार्यवाई को गलत ठहराने लगा। व्यापारी का कहना था कि अतिक्रमण 14 फीट से ऊपर था उसको बगैर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के नहीं तोड़ सकते। इसके बाद अमला अगे पहुंचा और दिल बहार चौराहे तक कार्रवाई की।
दो व्यापारियों ने किया जमकर विरोध
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध स्टेशन रोड में दो व्यापारियों ने जमकर किया। जूता कारोबारी पावना कलेक्शन से लक्ष्मणदास आसरानी व उसके परिवारजन व विद्यासागर इलेक्ट्रानिक्स के संचालक व पुत्र द्वारा कार्यपालिक मजिस्ट्रेट रवींद्र पटेल, नगर निगम के अतिक्रमण दस्ता व ट्रैफिक पुलिस से विवाद किया। हालांकि पुलिस ने दोनों को हटाया।
बचाव के लिए पहुंचे महापौर
हमेशा की तरह मंगलवार को भी सही कार्रवाई के विरोध में महापौर शशांक श्रीवास्तव पहुंचे। हालांकि तबतक प्रशासन कार्रवाई करके चला गया था। स्टेशन रोड में महापौर के पहुंचने पर काफी समय तक मजमा लगा रहा, इस दौरान महापौर ने कहा कि प्रशासन व्यापारियों के साथ ज्यादती कर रहा है। व्यापारियों को कहा कि कार्रवाई को लेकर कलेक्टर से चर्चा हुई है। बगैर सूचना व समय दिए बगैर कार्रवाई होगी। बता दें कि ईश्वरकृपा काम्पलैक्स की कार्रवाई के दौरान भी महापौर व्यापारियों की ओर से खड़े हुए थे।
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खास-खास:
– सम्राट होटल के पास बगैर कार्रवाई के ही लौटा निगम अमला, कारोबारी अधिकारियों से कार्रवाई न करने करते रहे मिन्नत।
– अधिकारियों से समय लेने के बाद भी कारोबारी नहीं हटा रहे थे शेड, मजबूर करने पर चलाई जेसीबी।
– कार्रवाई को लेकर व्यापारियों का तर्क था कि बगैर समय दिए की गई कार्रवाई, अमले ने कहा, तीन दिन से कर रहे थे घोषणा।
– गोलबाजार में कार्रवाई से सड़क हुई चौड़ी, लोगों ने कहा पहली बार साफ नजर आया क्षेत्र।
इनका कहना है
मेरे द्वारा किसी भी अधिकारी को कार्रवाई करने से नहीं रोका गया। हा यह बात सही है कि कार्रवाई के दौरान एक व्यापारी ने कार्यपालिक मजिस्ट्रेट व निगम कर्मी प्रशांत परौहा से बात कराई थी। मेरा सिर्फ यही कहना है कि व्यापारियों को अतिक्रमण हटाने पहले समय दिया जाए, फिर कार्रवाई हो। मैं महापौर हूं, सभी की बात सुनना व समाधान करना आवश्यक है।
शशांक श्रीवास्तव, महापौर।