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शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का हस्र: 15 माह चलने के बाद बंद हुईं सिटी बसें, 9 माह बाद भी ननि नहीं करा पाई टेंडर

Negligence in city bus operation

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कटनी

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Balmeek Pandey

Mar 07, 2025

Negligence in city bus operation

Negligence in city bus operation

1 अप्रेल 2023 को शहर में नगर निगम द्वारा शुरू कराई गई थी योजना, तीन बार के टेंडर के बाद भी नहीं आया कोई ऑपरेटर, शहरवासियों को सुविधा दिला पाने में विफल हो रहे जनप्रतिनिधि व अफसर, निगरानी पर खड़े हो रहे सवाल

कटनी. 1 अप्रेल 2023 को महापौर प्रीति सूरी, विधायक संदीप जायसवाल, नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक, तत्कालीन कलेक्टर अवि प्रसाद आदि की मौजूदगी में चार सिटी बसें शहर में शुरू कराई गईं। बीच-बीन में कई दिनों तक बसें बंद रहीं और कुल मिलाकर 15 माह तक बसें शहर में चलीं। बसों के चलने से शहरवासियों को परिवहन की सस्ती, सुरक्षात्मक व सुविधायुक्त सुविधा मिली थी, लेकिन बस ऑपरेटर की मनमानी, नगर निगम के अधिकारियों द्वारा ध्यान न दिए जाने से योजना दम तोड़ गई। जून 24 से बसें शहर में बंद हैं। 9 माह से अधिक का वक्त बीत गया, लेकिन नगर निगम के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि, अफसर शहरवासियों को सुविधा का लाभ नहीं दिला पा रहे। ऐसे में प्रशासनिक अफसरों द्वारा की जाने वाली निगरानी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
बता दें कि दीनदयाल सिटी बस योजना के तहत नगर निगम द्वारा ओम-टू-9 ट्रेवल्स को शहर में बसें चलाने का टेंडर दिया गया था। आपको जानकर हैरानी होगी कि बस ऑपरेटर द्वारा जून 2024 से बसों का संचालन बंद कर दिया गया है। इन बसों का संचालन चाका से पन्ना नाका, बस स्टैंड, जगन्नाथ चौक, शेर चौक, मिशन चौक, थाना तिराहा, सिविल लाइन होते हुए रेलवे स्टेशन और फिर माधवनगर, झिंझरी होते हुए बसें पिपरौंध तक जा रहीं थीं। 9 माह से अधिक का वक्त बीत गया है, लेकिन अबतक सिटी बसें नहीं चल पाई हैं। नगर नगम ने भले ही बस ऑपरेटर कंपनी को बसें न चलाने के कारण ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है, लेकिन अबतक शहरवासियों को सुविधा नहीं दिलाई गई।

यह हो चुके हैं सिटी बस के लिए टेंडर
पहला टेंडर- 10 जून 2024
दूसरा टेंडर- 22 जुलाई 2024
तीसरा टेंडर- 19 सितंबर 2024
चौथा टेंडर- 19 फरवरी 2025

6 का अनुबंध चल रहीं सिर्फ 4 बसें
बता दें कि सिटी बस योजना के तहत नगर निगम ने 6 बसों का अनुबंध किया है, लेकिन सिर्फ 4 बसें ही चल रही हैं। दो बसें कटनी से कैमोर व दो बसें कटनी से रीठी चलाई जा रही हैं। नसीम ट्रेवल्स द्वारा बसों का संचालन किया जा रहा है।


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दो नई बसों का होगा संचालन
नगर निगम के अनुसार दो बसों का संचालन होना है। अधिकारियों का कहना है कि बसें आ चुकी हैं। ये बसें कटनी से निवार रूट पर चलाई जानी है। इस रूट में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा कम है, इसलिए यह निर्णय लिया गया है। परमिट न होने के कारण अबतक बसों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है।

6 करोड़ से चलेंगे 4 बसें
अब नगर निगम द्वारा शहर में इलेक्ट्रिक बसों को चलाए जाने का निर्णय लिया गया है। इन 4 बसों की कीमत 6 करोड़ रुपए है। इसके लिए लगभग 10 माह से टेंडर की प्रक्रिया जारी है। चार बार टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई है, लेकिन अबतक किसी भी ऑपरेटर ने रुचि नहीं दिखाई है। अब नगर निगम के अधिकारी एक ऑपरेटर को साधने में लगे हैं। शहर में सिटी बसें चलाने के लिए बस ऑपरेटरों द्वारा रुचि न दिखा जाने की मुख्य वजह अमानत राशि है। यह राशि 1.50 करोड़ रुपए है।

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खास-खास:

  • बस ऑपरेटर ओम-टू-9 को नहीं दी गई बसों की सब्सिडी, खाते में जमा है 40 प्रतिशत राशि।
  • बसों का संचालन करने वाले ऑपरेटर को 18 लाख रुपए व 3 प्रतिशत परफारमेंस गारंटी की राशि करनी होगी जमा।
  • डीजल बसों में बंद कर दी गई है सब्सिडी इसलिए भी ऑपरेटर नहीं दिखा रहे रुचि, अब इलेक्ट्रिक बस में मिलेगी 40 प्रतिशत की सब्सिडी।
  • 31 अक्टूबर 2023 को मिली है शहर में सिटी बस चलाने के लिए नगरीय प्रशासन विभाग से स्वीकृति।
  • महानगर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, ग्वालियर की तर्ज पर कटनी शहर में भी इलेक्ट्रिक बस चलाए जाने का लिया गया है निर्णय।
  • इलेक्ट्रिक बसों के लिए केंद्र व राज्य सरकार से 45 रुपए प्रति किलोमीटर मिलेगी राशि, 12 साल के लिए है योजना।
  • 34 लाख 97 हजार रुपए हैं अमृत योजना के तहत नगर निगम के पास, जिसके माध्यम से चलाई जा सकती हैं दो बसें।

बस ऑपरेटर को बनाना होगा चार्जिंग स्टेशन
शहर में इलेक्ट्रिक सिटी बस चलाने के लिए बस ऑपरेटर को चार्जिंग स्टेशन खुद से बनाना होगा। इसके लिए स्थान व सिविल वर्क का काम नगर निगम प्रशासन करके देगा। इसके बाद चार्जिंग स्टेशन में लगने वाली उपकरण आदि की व्यवस्था ऑपरेटर को करनी होगी।

वर्जन
बसों का संचालन बंद करने वाले ऑपरेटरों को नगर निगम से ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई हो गई है। अब नए सिरे से 4 इलेक्ट्रिक बसें चलाए जाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। तीन बार के टेंडर में कोई ऑपरेटर नहीं आया। अब चौथी बार टेंडर 19 फरवरी को किया गया है।
नीलेश दुबे, आयुक्त नगर निगम।