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नगर निगम के सोते रहे अधिकारी, अब शहर का हो रहा ये हाल…

पानी निकासी की निगम ने नहीं बनाई ठोस योजना ,बारिश में तालाब बन रहीं सड़केंं, रेलवे पुलियों से भी आवागमन हो रहा बाधित
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कटनी

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Mukesh Tiwari

Sep 09, 2018

No water drainage scheme

No water drainage scheme

कटनी. बारिश पूर्व पानी की निकासी को लेकर नगर निगम द्वारा ठोस योजना न बनाए जाने का दंश आमजन भोग रहे हैं। बारिश में जहां सड़केंं तालाब बन रही हैं तो रेलवे की पुलियोंं से भी पानी की निकासी का स्थान पर्याप्त न होने से आवागमन बाधित हो रहा है। बारिश में बढ़ी परेशानी के बाद भी निगम अमले ने निकासी का कोई प्रयास नहीं किया है।
बरसात की शुरुआत के साथ ही कटाएघाट मोड़ के पास नेहरु वार्ड के लोगों व व्यापारियों की परेशानी बढ़ी हुई है। हल्की सी भी बारिश में करोड़ों की मॉडल रोड तालाब बन जाती है। यहां सड़क किनारे बनाए गए नाले से पानी की निकासी नही हो पा रही है और इसके चलते लगातार बारिश से व्यापार ठप है। बस्ती के निवासी भी सड़क में घुटनों तक भरे पानी के बीच से ही गुजरते हैं।
दूसरी पुलिया में फोकस, निकासी पर नहीं
मिशन चौक में कटनी-बीना रेलखंड में सागर पुलिया में जाम आम समस्या है। बारिश में पानी भरने से पूरी तरह से आवागमन बंद हो जाता है। बारिश की समस्या का हल निकालने के स्थान पर नगर निगम का फोकस समानांतर पुलिया बनाने को लेकर रहा। जिसके लिए निगम की परिषद में रेलवे को सात करोड़ से अधिक की राशि देेने प्रस्ताव पारित हुए लेकिन बारिश में भरने वाले पानी की निकासी की व्यवस्था कराने कोई व्यय नहीं हुआ। सिर्फ नाले की सफाई तक ही निगम का काम सीमित रहा।
मंगलनगर पुलिया भी बनी परेशानी
रंगनाथ मंदिर के पास रेलवे की मंगलनगर पुलिया भी बारिश में परेशानी बनी हुई है। यहां से कटनी साउथ स्टेशन, ओएफके, मंगलनगर, छपरवाह सहित ग्रामीण क्षेत्रों को जाने का रास्ता है। बारिश में पानी भरते ही यात्री जान का जोखिम उठाकर पटरी पार कर स्टेशन पहुंचते हैं और लोगों को ५ किमी. से अधिक का चक्कर काटना पड़ रहा है। यहां पर भी पानी निकासी की किसी भी योजना पर निगम ने काम नहीं किया।
एनकेजे तक चार स्थानों पर समस्या
शहर से उपनगरीय क्षेत्र एनकेजे जाने के लिए बारिश में चार स्थानों पर लोगों को घुटने तक भरे पानी से गुजरना होता है। गायत्री नगर पुलिया के साथ गायत्री नगर में नीरज टॉकीज के पास, बाबाघाट और उसके बाद निर्माणाधीन रेलवे क्वार्टर के पास सड़क में पानी भरता है। यहां रेलवे का भी क्षेत्र है लेकिन उससे भी समन्वय बनाकर निकासी के कोई इंतजाम नहीं हुए।
इनका कहना है...
पदस्थापना के बाद पहली बारिश पड़ी है। जिसमें कहां पर किस तरह की समस्या आती है, वह वास्तविक रूप से पता लगी है। लगातार बारिश के कारण पानी भरने वाले स्थानों पर काम नहीं हो पा रहा है। एक-दो दिन में अस्थाई व्यवस्थाएं कराई जाएंगी और उसके बाद बारिश समाप्त होते ही निकासी की स्थाई व्यवस्था कराने का कार्य किया जाएगा।
टीएस कुमरे, आयुक्त नगर निगम