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हे राम! बारिश की बौछारों से ही बह गया सांसद निधि से बना भ्रष्टाचार का स्टॉपडैम

निर्माण कार्य के लिए 16 लाख रुपए की राशि स्वीकृत हुई। खास बात यह है कि अभी बारिश की शुरुआत हुई है और स्टॉप डैम बह गया। डैम के नीचे से नदी का पानी बह रहा है। मिट्टी भी धसक रही हैं। डैम का आधा हिस्सा तो जमीन पर गिर कर पड़ा है। स्थिति यह है कि चार महीने की बारिश में स्टॉप डैम अलग-अलग टुकड़ों में बंटकर पानी के प्रवाह में बह जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि स्टॉप डैम निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया।

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मापदंडों को किया दरकिनार, ग्राम पंचायत ने कराया निर्माण, जनपद के अफसरों ने नहीं दिया ध्यान
कटनी/उमरियापान. बारिश के मौसम में पुल बहने के मामले सामने आते है, लेकिन जिले की ढीमरखेड़ा जनपद में बारिश के पहले नवनिर्मित स्टॉप डैम बह गया। बारिश की चंद बौछारें भी १६ लाख की लागत से बना स्टॉपडैम नहीं झेल सका। यह परिणाम है निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत द्वारा किए गए भ्रष्टाचार व जनपद के अधिकारियों द्वारा की गई लचर मॉनीटरिंग का।
जानकारी के अनुसार ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत की सिमरिया ग्राम पंचायत में मौरी नदी में शहडोल सांसद निधि से स्टॉप डैम का निर्माण कार्य कराया गया। निर्माण कार्य के लिए 16 लाख रुपए की राशि स्वीकृत हुई। खास बात यह है कि अभी बारिश की शुरुआत हुई है और स्टॉप डैम बह गया। डैम के नीचे से नदी का पानी बह रहा है। मिट्टी भी धसक रही हैं। डैम का आधा हिस्सा तो जमीन पर गिर कर पड़ा है। स्थिति यह है कि चार महीने की बारिश में स्टॉप डैम अलग-अलग टुकड़ों में बंटकर पानी के प्रवाह में बह जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि स्टॉप डैम निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। इतना ही नहीं स्टॉप डैम में लोहे की सरिया नाम मात्र के लिए लगाई गई। तकनीकी नियमों का पालन न करते हुए स्टॉप डैम का निर्माण कार्य कराया गया, जो पहली बारिश ही सहन नहीं कर पाया।

ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत की सिमरिया में स्टॉपडैम का निर्माण कराया जा रहा है। स्टॉपडैम का कुछ कार्य शेष है, उससे पहले ही यह हो गया। निर्माण कार्य का मूल्यांकन नहीं किया गया है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अनिल जाटव, उपयंत्री, जनपद ढीमरखेड़ा


यहां नगरनिगम बारिश में करवा रहा २.२५ करोड़ की लागत से नदी की स्टोन पिचिंग
कटनी. शहर के कटनी नदी पुल के समीप मोहन घाट व मसुरहा घाट में बारिश के सीजन में नगरनिगम द्वारा करोड़ों की लागत से विकास कार्य कराए जा रहे है। बारिश के बीच अफसरों ने नदी के दोनों ओर स्टोन पिचिंग का कार्य शुरू करवा दिया है, जो तेज बारिश व नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण खराब हो सकता है। हालांकि अफसरों का कहना है कि यह ठेकेदार की जिम्मेदारी है। इधर शहर के प्रबुद्धजन कहते हैं कि बारिश के कुछ दिनों पूर्व इस तरह के कार्य नहीं कराए जाते। जानकारी के अनुसार अमृत-२ योजना के तहत मोहन घाट और मसुरहा घाट का रिनोवेशन कार्य के लिए शासन द्वारा २.२५ करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अंतर्गत दोनों घाटों का नवनिर्माण, स्टोन पिचिंग, पॉथ-वे व पौधरोपण सहित अन्य कार्य कराए जाने हैं। वर्तमान में यहां स्टोन पिचिंग व टो-वॉल का कार्य चल रहा है। हालांकि यह कार्य भी फिलहाल बारिश होने के चलते
बंद है।
अमृत-२ योजना के तहत मोहन घाट और मसुरहा घाट में निर्माणकार्य कराए जा रहे हैं। बारिश में यदि कार्य में किसी तरह की खामी आती है तो यह ठेकेदार की जिम्मेदारी है। उससे ही सभी कार्य कराए जाएंगे।
केपी शर्मा, कार्यपालन यंत्री, नगरनिगम