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यहां दवाएं युवाओं को नशे में कर रहीं मदहोश, जब बने ये हालात तो यहां लोगों को जलानी पड़ी सैकड़ों सीरपों की होली देखें वीडियो

इन दिनों सर्दी-जुकाम व कफ सीरप ठीक करने वाली दवा अब नशे के लिए उपयोग में लाई जा रही है। लगातार ऐसे मामले रीठी में सामने आ रहे हैं। इसको लेकर अधिवक्ता संघ द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है। बुधवार को अधिवक्ताओं ने इस गंभीर नशे के खिलाफ अनूठा प्रदर्शन किया।

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Balmeek Pandey

Jan 30, 2020

कटनी.बडग़ांव. इन दिनों सर्दी-जुकाम व कफ सीरप ठीक करने वाली दवा अब नशे के लिए उपयोग में लाई जा रही है। लगातार ऐसे मामले रीठी में सामने आ रहे हैं। इसको लेकर अधिवक्ता संघ द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है। बुधवार को अधिवक्ताओं ने इस गंभीर नशे के खिलाफ अनूठा प्रदर्शन किया। कोरेक्स, फेंसीड्रिल सहित अन्य दवाओं की शीशियां तहसील परिसर से एकत्रित कर होली जलाई। अधिवक्ताओं ने कहा कि यह प्रदर्शन सिर्फ युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और रीठी को नशा मुक्त बनाने के लिए किया गया है। नशा मुक्ति के आंदोलन में अधिवक्ता राजेश जैन, शब्बीर खान, रानू सोनबिहारे, समाजसेवी बीसी जैन सहित अन्य लोग शामिल रहे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने लोगों को नशा मुक्ति का संदेश देते हुए नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। राजेश जैन ने कहा कि जिन दवाओं को नशे के आदी डोज के रूप में लेते हैं उन दवाओं में क्लोरोफिनारमिन मीलेट और कोडीन फास्फेट जैसे तत्व मिलाए जाते हैं। जब ये दवाएं ज्यादा मात्रा में ली जाती हैं तो इन्हीं तत्वों के कारण शरीर में मदहोशी आती है। कोडीन मिश्रित ड्रग नार्कोटिक्स में शामिल है जिसे शेडयूल एच 1 ड्रग कहते हैं। इसकी बिक्री परचे पर ही होती है। बाजार में जुकाम के लिए बिकने वाले कफ सीरप की अधिकतम कीमत 40 से 100 रूपए आती है। इस कीमत में नशे के आदी युवक कफ सीरप पर ज्यादा आकर्षित होते हैं। महंगी शराब के लिए पैसे नहीं होने की स्थिति में यही कफ सीरप उनकी नशे की लत पूरा करने का माध्यम बन गया है।

 

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नहीं हो रही ठोस कार्रवाई
बाजार में सर्दी-जुकाम और कफ को दूर करने के लिए बिक रही कई लिक्विड दवाओं को नशे के आदी युवकों ने नशे का डोज बना लिया है। इन दवाओं को शराब, स्मैक, गांजा के विकल्प के रूप में उपयोग कर रहे हैं जो सस्ती भी पड़ती है और शरीर को उसी तरह का नशा देती है जैसे अन्य नशीली सामग्रियों में आता है। बाजार में आसानी से मिलने वाले कफ सीरप का ओवरडोज लेकर नशे में उपयोग करने वालों को रोकने के लिए किसी भी स्तरपर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। स्वास्थ्य विभाग, औषधि प्रशासन विभाग व जिला प्रशासन सिर्फ कार्रवाई की औपचारिकता कर रहा है।

 

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…इधर जब्त हुई दवाएं
शहर में नशीली दवाई की खेप लेकर आ रहे दो आरोपियों को एनकेजे पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया है। आरोपी दवाई उमरिया जिले के मानपुर से लेकर आ रहे थे। थाना प्रभारी एनकेजे उप निरीक्षक अनिल काकडे ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर जुहला बाईपास पुल के नीचे से आरोपी मुकेश सोनी पिता राजेश सोनी 23 साल निवासी मानपुर, रोहित चौधरी पिता सिरपत चौधरी 19 साल निवासी मानपुर के कब्जे से 60 सीसी आनरेक्स कप सिरप जब्त की गईं। हर एक सीसी में 100 एमएल की थी। जिसकी कीमती 7200 बताई जा रही है। पुलिस ने धारा 5/13 ड्रग्स कंट्रोल अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ग्राम मानपुर से अजय गुप्ता द्वारा अशोक मेडिकल के नाम से आने वाली बिल्टी के कार्टून गोल्डन ट्रांसपोर्ट फॉरेस्टर प्ले ग्राउंड कटनी से लाने के लिए बोला था जो हम लेकर जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान प्रधान आरक्षक दिनेश सिंह, आरक्षक ताहिर खान, अजय प्रताप सिंह, योगेंद्र सिंह, शुभम पाठक, नरेंद्र पटेल, सुजीत रजक रहे।

इनका कहना है
शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत अमानक व नशीली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। स्टॉक आदि भी चैक कराया जा रहा है। यदि दवा को उपयोग नशा के लिए हो रहा है और मेडिकल संचालक बगैर चिकित्सक के लिखे सीरप बेच रहे हैं तो औचक जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. एसके निगम, सीएमएचओ।