कटनी. चैत्र नवरात्र के अंतिम दिन मां जालपा मंदिर से शाम को आरती पूजन के बाद जवारों की शोभायात्रा निकाली गई। देर शाम में जयकारों के बीच सैकड़ों कलश सिर पर लिए महिलाएं निकलीं। भगतें गातीं भजन मंडलियां जुलूस मेंं शामिल हुईं। उनके साथ ही गालों में बाना छेदे श्रद्धालु भी शामिल हुए। शहर के अखाड़ों के दल भी शोभायात्रा में शामिल रहे और उन्होंने मार्ग पर अपने कौशल का प्रदर्शन किया। शोभायात्रा मुख्य मार्ग से होते हुए देर रात कटनी नदी घाट पहुंची, जहां पर विधिविधान से जवारों का विसर्जन किया गया। शोभायात्रा का जगह-जगह सामाजिक, व्यापारी संगठनों ने स्वागत किया और आरती उतारकर प्रसाद का वितरण किया।
शाम से ही शुरू हुए जुलूस
जवारों की शोभायात्रा का निकलना शाम से ही प्रारंभ हो गया था। देवी मंदिरों व देवालयों में स्थापित कलशों की शोभायात्रा श्रद्धालुओं ने निकाली। शहर के भूमिप्रकट मंदिर बरगवां, झंडाबाजार खेरमाई, गाटरघाट दुर्गा मंदिर, मां काली मंदिर, विश्राम बाबा मंदिर, पाठक वार्ड, कुठला सहित अन्य क्षेत्रों से शाम को पूजन के बाद ढोल-नगाड़ों व भजन मंडलियों के साथ जवारों की शोभायात्रा निकाली गई।
मुस्तैद रहा अमला
जवारों की शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा को लेकर भी पुलिस अमला व अधिकारी मुस्तैद रहे। कोतवाली, माधवनगर, कुठला, एनकेजे थाना क्षेत्र सहित यातायात पुलिस का बल जुलूस मार्ग में मौजूद रहा। वहीं अधिकारियों ने भी व्यवस्थाएं देखीं। नगर निगम ने भी जुलूस मार्ग सहित विसर्जन घाट में प्रकाश व पेयजल आदि की व्यवस्था कराई तो शोभायात्रा के चलते शहर के अंदर से भारी वाहन व बसों का प्रवेश भी बंद रहा और उन्हें बाइपास से निकाला गया।
काली-खप्पर नृत्य रहा आकर्षण का केंद्र
मझगवां. बड़वारा क्षेत्र के ग्राम मझगवां में भी रविवार को भव्यता के साथ जवारा जुलूस निकाला गया। इस दौरान मढिय़ा व देवायल से जवारा जुलूस निकला। मेन रोड पर काफी समय तक काली और खप्पर नृत्य चला। इस दौरान जवारा जुलूस देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े।
कंकाली धाम में जुलूस
कटनी. कंकाली धाम निगहरा में भी जवारा जुलूस आकर्षण का केंद्र रहा। सैकड़ों की संख्या में सिर पर कलश धारण कर महिलाएं जब निकलीं तो मानों सड़कों ने हरियाली की चादर ओढ़ ली हो। इस दौरान पंडों का भाव का काली नृत्य विशेष रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल हुए।
कन्हवारा में भी आयोजन
कन्हवारा. ग्राम कन्हवारा शंकर चौक में भी जवारा जुलूस निकला। जवारे वार्ड क्रमांक 17 से लिए। इसमें भाव खेलते पंडा व बाना लिए हुए आकर्षण का केंद्र रही। काली-खप्पर नृत्य विशेष रहा। खेर माता तक भी जुलूस पहुंचा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
उमरियापान में भक्तिभाव के साथ निकाला जवारा जुलुश
उमरियापान. चैत्र नवरात्रि के आखरी दिन बड़ी माई, चंडी माता, कटरा बाजार, चंडी माता, बस स्टेण्ड, झंडा चौक सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होकर जवारा जुलूस गुजरा। इस दौरान माता के भक्त मुंह में बाना छेदकर तो कोई जलता हुआ खप्पर हाथों पर लेकर जवारों के आगे-आगे नाचते चले। पीछे-पीछे सिर पर जवारे रखे महिलाएं और युवतियां चलती रहीं। खप्पर लिए नाच रही काली जुलूस में आकर्षण का केंद्र रहा। नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए क्यूली तलैया और पुरैना तालाब में पूजन अर्चन के बाद जवारों को विसर्जित किया गया। जवरा देखने उमरियापान सहित आसपास के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान उमरियापान नायब तहसीलदार हरिसिंह धुर्वे व थाना प्रभारी गोविंद सुरैया पुलिस के जवानों के साथ अलर्ट रहे।
पिपरिया सहलावन में भी आयोजन
पिपरिया सहलावन. रविवार को रामनवमी के उपलक्ष्य में ग्राम पिपरिया सहलावन के देव दिवालों में बोये करीब सौ कलशों के जवारों का विसर्जन स्थानीय तालाब में किया गया। इसके पहले शाम चार बजे शिव, दुर्गा प्रांगण में सभी ग्रामवासी इक_े हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही। आगे-आगे मां काली और बब्बरशेर स्वरूप में बने भक्त साथ में खप्पर लिये पंडा व सम्पूर्ण ग्रामवासीयों का जूलूश गांव की जिन गलियों से भी गुजरा तो लोग इसे देखने उमड़ पड़े।