
Pm aawas yojna
कटनी. केंद्र सरकार द्वारा गरीबों को पक्का आशियाना मुहैया कराने प्रयास कर रही है। जिले में अबतक लगभग 40 हजार आवास पूरे हो चुके हैं, लेकिन दो हजार से अधिक हितग्राही ऐसे हैं जो रुपये मिलने के बाद अपनी भोग-विलास में उड़ा दिए हैं। आलम यह है कि अब आवास का निर्माण अधूरा पड़ा है। कई हितग्राहियों को नोटिस भी जारी हुए, इसके बाद भी उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा। आवास निर्माण के टारगेट को पूरा करने के लिए प्रशासन अब एक और पहल कर रहा है। हितग्राहियों को मनरेगा मद से मिलने वाली मजदूरी को अब श्रजित कार्यदिवस के अनुसार न देकर एक मुश्त जारी करते हुए हितग्राहियों को आवास बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार जिले में 2218 हितग्राही ऐसे हैं जिन्हें रुपये मिल चुके हैं, लेकिन वे आवास के रुपये अन्य खर्चों में उड़ा दिए हैं। वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 मिलाकर जिले में 40 हजार 724 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। ये हितग्राही लगभग एक वर्ष से आवास का निर्माण नहीं कर रहे।
यह है हितग्राहियों की स्थिति
रुपये मिलने के बाद भी पीएम आवास न बनाने वाले हितग्राहियों की संख्या ढीमरखेड़ा में है। यहां के 512 हितग्राहियों ने आवास नहीं बनाया। बड़वारा के 449, बहोरीबंद के 432, कटनी के 207 रीठी के 332 व विजयराघवगढ़ के 388 हितग्राहियों ने आवास नहीं बनवाया। नोटिस सहित आरआरसी प्रकरण भी जारी हुए, फिर भी कोई प्रगति नहीं आई। अब विभाग इस प्रयास से टारगेट को पूरा करने में जुटा है।
इनका कहना है
जिले के 2218 हितग्राही पीएम आवास योजना की राशि लेने के बाद भी निर्माण नहीं कराए हैं। नोटिस जारी करने के बाद भी कोई प्रगति नहीं आई। अब मनरेगा मद से उनके खाते में एकमुश्त राशि जारी कर निर्माण पूर्ण कराने पर फोकस किया जा रहा है।
मृगेंद्र सिंह, प्रभारी, पीएम आवास योजना।
Published on:
02 Aug 2019 11:55 am
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