
More than one lakh people will get health insurance of Rs. 5 lakhs under the Ayushman scheme
कटनी. आयुष्मान भारत योजना का शुभारम्भ 15 अगस्त 2018 से किया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के लिए 5 लाख रुपए तक का बीमा कवर साल में मिलेगा। अब तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत साल में 30 हजार रुपए का बीमा कवर ही मिलता था। इस योजना से जिले के १ लाख ४० हजार परिवार लाभान्वित होंगे। ३० अप्रैल को इस अभियान की प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष जानकारी दी जाएगी व आयुष्मान भारत दिवस के रूप में मनाया जाएगा। ३० अप्रैल को २०११ में हुई जनगणना में आर्थिक, जातीय एवं सामाजिक चिन्हित परिवारों की सूची का वाचन किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत केवल वही लोग लाभ ले सकंगे जिनका नाम एसइसीसी -2011 के अंतर्गत रजिस्टर है। इसके अतिरिक्त वांछित श्रेणी व असंगठित श्रमिक परिवार लाभ ले सकेंगे।
समग्र आईडी होना आवश्यक है
अगर कोई व्यक्ति इस योजना का लाभ लेना चाहता है तो उसके लिए यह आवश्यक है की व्यक्ति का स्वयं का पहचान पत्र उसका परिवार समग्र आईडी उसके पास हो। इसके अतिरिक्त व्यक्ति का आधार कार्ड उसके परिवार आईडी से भी लिंक होना चाहिये, अगर ऐसा नहीं होता है तो वह व्यक्ति इस सुविधा से वंचित रह जायेगा। १ से ७ मई तक सूची का अपडेशन होगा। जो व्यक्ति दुनिया को छोड़ चुके हैं उनका नाम अलग किया जाएगा और जो नए जन्मे हैं उनका नाम जोड़ा जाएगा। योजना का खर्च केंद्र और राज्य मिलकर उठाएंगी। इस योजना को लागू करवाने का जिम्मा राज्यों का होगा।
कैशलेश होगी यह योजना
यह योजना इंश्योरेंस मॉडल पर काम करेगी और पूरी तरह कैशलेस होगी। इसका मतलब यह है कि जो भी आयुष्मान योजना के तहत बीमित व्यक्ति है उसे अपने इलाज का खर्च नहीं देना होगा। पांच लाख रुपए तक का खर्च उसे सरकार की तरफ से आसानी से मिल जायेगा। इसमें 1370 बीमारियां चिन्हित की गई जिनके पैकेज निर्धारित हैं। योजना से जुड़ी संपूर्ण जानकारी के लिए प्रशिक्षण जिला मलेरिया अधिकारी शालिनी नामदेव, डीपीएम घनश्याम मिश्रा, अरुण कमल, सतीश जैन, विजय सोनी, नितिन तपा आदि द्वारा दिया गया है।
अस्पताल जाकर करना होगा यह काम
मरीज को अस्पताल में भर्ती होने के बाद अपने बीमा दस्तावेज देने होंगे जिसके आधार पर अस्पताल इलाज के खर्च के बारे में बीमा कंपनी को सूचित कर देगा और बीमित व्यक्ति के दस्तावेजों की पुष्टि होते ही इलाज बिना पैसे दिये हो सकेगा। इस योजना के तहत बीमित व्यक्ति सिर्फ सरकारी ही नहीं बल्कि अधिमान्य निजी अस्पतालों में भी इलाज करा सकेगा। निजी अस्पतालों को इस योजना के साथ जोडऩे का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस वृहद योजना से निजी अस्पतालों को भी लाभ मिलने की संभावना है क्योंकि पैसे की कमी के चलते काफी लोग सिर्फ सरकारी अस्पतालों में ही जाते थे जोकि अब निजी अस्पतालों में भी जा सकेंगे। साथ ही यह योजना सरकारी अस्पतालों पर बढ़ती भीड़ का दबाव भी शायद कम कर पायेगी।
इनका कहना है
इस योजना के तहत वेरीफिकेशन का काम शुरू होने वाला है। परिवार में शामिल नए सदस्यों का नाम जोड़ा जाएगा साथ ही उनका मोबाइल नंबर और परिवार समग्र आइडी दर्ज किया जाएगा। यह कार्य स्वास्थ्य और पंचायत ग्रामीण विकास विभाग के मैदानी अमले द्वारा पूर्ण किया जाएगा। सूची में शामिल ऐसे परिवार जिनके घर नए सदस्य जैसे जन्म, पुत्रवधु आयी हों अपने परिवार का अद्यतन अवश्य करवाएं।
शालिनी नामदेव, प्रभारी आयुष्मान अभियान व जिला मलेरिया अधिकारी।
Published on:
30 Apr 2018 11:16 am

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