4 नवंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

नान प्रबंधक के कहने पर दिनदहाड़े गरीबों के राशन की हो रही थी हेराफेरी!, वीडियो में देखिये पत्रिका का बड़ा खुलासा

कटनी-मैहर मार्ग में कुठला थाना के समीप खाद्य विभाग की दबिश, जब्त किया १२६ क्विंटल गेहूं
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कटनी

•

image

Balmeek Pandey

•

Updated: 28 Apr 2018, 12:22 PM IST

transport

fair price shop

कटनी. गरीबों को मिलने वाले अनाज की दिनदहाड़े हेराफेरी करने का मामला सामने आया है। यह खुलासा शुक्रवार को खाद्य विभाग की दबिश से हुआ है। मौके पर पहुंची खाद्य विभाग की टीम ने ट्रक से लोडर पर लोड हो रहे अनाज के संबंध में दस्तावेज मांगे। ट्रांसपोर्टर व चालक के बगलें झांकने पर अधिकारियों को गड़बड़ी जान पड़ी और उन्होंने मौके पर ही पंचनामा कार्रवाई की। गेहूं को जब्त कर मामले की जांच शुरू की। जानकारी के अनुसार जिले की राशन दुकानों में ठेकेदार रीतेश तिवारी रीतेश रोडवेज द्वारा अनाज पहुंचाने का टेंडर लिया है। यह काम ठेकेदार द्वारा कटनी निवासी अरुण नामदेव व अजय पटेल को पेटी कान्ट्रेक्ट पर दिया हुआ है। कटनी-मिर्जापुर नेशनल हाइवे क्रमांक ७ पर शुक्रवार की शाम जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी केएस भदौरिया टीम के साथ कुठला पहुंचे। सड़क किनारे ट्रक क्रमांक एमपी २० एचबी ३३४८ में राशन दुकान के लिए जा रहे अनाज की जांच की। मौके पर पाया कि ट्रक से लोडर क्रमांक एमपी २० जीए ५५६७ खाली किया जा रहा है। इस पर चालक से गेहूं खाली करने की वजह जानी तो वह कुछ भी बताने से आनाकानी करने लगा। खाद्य अधिकारी ने बताया कि पेट्री कान्ट्रेक्टर अरुण नामदेव व बजय पटेल से जब इस संबंध में पूछा गया तो उनका कहना था कि नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक संजय सिंह के कहने पर उसे लोडर में खाली कर रहे थे। उनके मौखिक आदेश पर ही हमेशा ऐसा किया जाता है। अरुण नामदेव का तर्क था कि जल्दी राशन दुकानों में अनाज पहुंचाना था, इसलिए दूसरे वाहन में लोडकर भेजा रहा था। ट्रक झंडाबाजार में जाता नहीं हैं इसलिए छोटे वाहन से पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा था। यह अनाज दुकानों में २५ अप्रैल से पहले नान को पहुंचाना था। २५ अप्रैल को ही रुचि वेयरहाउस से गेहूं व गोविंद वेयर हाउस से चावल उठ गया था। तीन दिन का समय बीत जाने के बाद भी अनाज राशन दुकानों पर नहीं पहुंचा था, इस पर भी सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

READ ALSO: शहर में अटकी सैकड़ों गुर्दा रोगियों की सांसें, हाफते पहुंच रहे जबलपुर-नागपुर, जानिये क्यों

कार्रवाई की भनक लगते ही फरार हुआ चावल लोड ट्रक
खाद्य अधिकारी ने बताया कि यहां से सिर्फ गेहूं की ही नहीं बल्कि चांवल की भी हेराफेरी की जा रही थी। कार्रवाई की भनक लगते ही चावल लोड ट्रक को मौके से फरार कर दिया गया है। ट्रक क्रमांक एमपी १८ जीए २२८४ में चावल लोड था, जिसे भी लोडर में लोड किया जा रहा था, जैसे ही ट्रक चालक को दबिश की जानकारी लगी तो वह वाहन को लेकर मैहर की ओर फरार हो गया है। उसकी भी खाद्य विभाग के अधिकारी ने जांच कराने की बात कही है।

मौके पर बनाई जब्ती
सूचना पर मामले की जांच करने खाद्य विभाग के अधिकारी पहुंचे तो हेराफेरी कर्ताओं की कारगुजारी देखकर स्तब्ध रह गए। क्योंकि नियम के अनुसार जिस वाहन में वेयर हाउस से अनाज लोड होता है उसे उसी वाहन से दुकान तक छोडऩा होता है और उसी वाहन के बिल लगाने होते हैं। गाड़ी के खराब होने या किसी अन्य विशेष परिस्थिति में लिखित आदेश पर दूसरी गाड़ी से अनाज पहुंचाया जाता है। ऐसा न होने पर विभाग के अधिकारियों ने मौके पर अनाज व वाहनों की जब्ती बनाई।

READ ALSO: इस गांव में अचानक भड़की आग, एक हजार एकड़ खेत हुए स्वाहा, दो मकान खाक, हुआ भारी नुकसान

ईसी एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
खाद्य अधिकारी ने बताया कि गरीबों के लिए बंटने वाले राशन में इस तरह का कृत्य हेराफेरी की श्रेणी में आता है। इस हेराफेरी पर ईसी (आवश्यक वस्तु अधिनियम) एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें नागरिक आपूर्ति निगम, परिवहनकर्ता एवं पेटी कांन्ट्रेक्टर की सांठगांठ सामने आई है। गरीबों के राशन की हेराफेरी पर प्रकरण दर्ज होगा।

इनका कहना है
हमें जानकारी मिली थी कि वेयर हाउस से राशन दुकानों में बंटने के लिए जा रहे गेहूं और चांवल को कुठला में सड़क किनारे एक ट्रक से दूसरे ट्रक में पलटी कर ब्लैक किया जा रहा है। सूचना पर तत्काल मौके पर दबिश दी गई। जांच में प्रथम दृष्टया गरीबों के अनाज का हेराफेरी किए जाने का मामला सामने आया है। नान की भूमिका इसमें संदिग्ध है। नान, परिवहनकर्ता और पेट्री कॉन्ट्रेक्टर पर इसी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कराया जाएगा।
केएस भदौरिया, जिला खाद्य एवं आपूति अधिकारी।