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Reel बनाने के लिए बेदर्दी से नोच डाले मोर के पंख, जल्द होगी गिरफ्तारी

पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है और उन सभी लोगों की तलाश जारी है.....

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कटनी

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Astha Awasthi

May 22, 2023

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peacock feathers

कटनी। सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए युवा किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। ऐसा ही एक मामला रीठी क्षेत्र के इमलिया कूड़ो गांव से सामने आया। यहां एक युवक और युवती ने राष्ट्रीय पक्षी मोर के बेदर्दी से पंख नोंचे और इस वीडियो को वायरल किया। दर्द से छटपटाते हुए मोर का ये वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया। इसके बाद लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई तो आरोपी पर कार्रवाई की गई।

मामला मध्यप्रदेश के कटनी का है। वायरल वीडियो में मोर के साथ एक युवक और युवती बैठे नजर आ रहे हैं। एक अन्य युवक भी नजदीक ही ऊंचाई पर बैठा दिख रहा है। वीडियो में युवक मोर के पंख उखाड़ रहा है। वह हंसते हुए कैमरे के सामने देख रहा है।

गुजरात के एनजीओ ने की थी शिकायत

गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं। दरअसल, गुजरात की एनजीओ ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की गई है। इसमें कहा गया है कि कटनी का एक युवक राष्ट्रीय पक्षी मोर के पंख नोंचते हुए दिख रहा है। जांच में पता चला कि आरोपी का नाम अतुल कोहनान है। डीएफओ गौरव शर्मा के मुताबिक आरोपी की पहचान कर ली गई है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है और उन सभी लोगों की तलाश जारी है।

कुत्ते को मारने का वीडियो वायरल

पशु-पक्षियों के साथ बर्बरता की खबरें आए दिन सुनने को मिलती रहती हैं. बता दें, इससे पहले ऐसा ही मिलता जुलता एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जहां कुछ लोग एक कुत्ते को जान से मारते हुए दिखाई दिए. वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का आक्रोश भी देखने को मिला. जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके कार्रवाई की थी.

ये है वन्य जीव संरक्षण कानून

पशु-पक्षियों पर अत्याचार रोकने के लिए भारत सरकार ने साल 1972 में भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम पारित किया था। इसका मकसद वन्य जीवों के अवैध शिकार, मांस और खाल के व्यापार पर रोक लगाना था। इसमें साल 2002 में संशोधन किया गया, जिसका नाम भारतीय वन्य जीव संरक्षण (संशोधित) अधिनियम 2002 रखा गया। इसमें दंड और जुर्माना को और भी सख्त कर दिया गया है। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 16 (सी) के तहत जंगली पक्षियों या सरीसृपों को नुकसान पहुंचाना, उनके अंडों को नुकसान पहुंचाना, घोंसलों को नष्ट करना अपराध है। ऐसा करने का दोषी पाए गए व्यक्ति को 3 से 7 साल की जेल और 25,000 रुपए का जुर्माना हो सकता है।