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पीएम मोदी ने कटनी की जिस घटना का उल्लेख किया, उसमें छुट्टी के दिन ही लग गया था ट्रायल प्रोग्राम

जानिए दुष्कर्म के इस मामले में पैरवी करने वाले जिला अभियोजन अधिकारी क्या कहते हैं, वीडियो में देखिए पीएम नरेंद्र मोदी ने क्या कहा

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PM Modi mentioned incident of Katni

PM Modi mentioned incident of Katni, holiday submiteTrial Program

कटनी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के 72वें साल के उत्सव में लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। अपने भाषण पीएम मोदी ने दुष्कर्म की घटनाओं को राक्षसी मनोवृत्ति बताते हुए इससे समाज को मुक्त कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि राक्षसी मनोवृत्ति से समाज को मुक्त कराना होगा, देश को मुक्त कराना होगा। कानून अपना काम कर रहा है। पिछले दिनो मध्यप्रदेश में पांच दिन के अंदर कटनी में बलात्कारियों पर केस चला और पांच दिन में फासी की सजा सुनाई दी गई। उसी प्रकार से राजस्थान में भी कुछ ही दिन में बलात्कारियों पर केस चला और उनको फासी की सजा सुना दी गई।
पीएम मोदी ने कटनी की जिस घटना का उल्लेख किया उसमें सरकार की ओर से पैरवी करने वाले हनुमत किशोर शर्मा ने पत्रिका को बताया कि मामले में 23 जुलाई सोमवार से ट्रायल प्रारंभ हुआ, लेकिन इससे एक दिन पहले यानी रविवार 22 जुलाई को ही ट्रायल प्रोगाम जमा करा दिया गया था।
डीपीओ शर्मा बताते हैं कि 23 जुलाई सोमवार को 4 गवाह पेश किये गए। इसमें बच्ची के अलावा परिवार के सदस्य शामिल रहे। 24 जुलाई को डॉक्टर का बयान हुआ और 25 जुलाई को अभियोजन पक्ष के बयान और साक्ष्य पेश किये गए। 26 जुलाई को आरोपी के बयान सहित आगर््युमेंट हुआ और 27 जुलाई को फैसला में आरोपी को फासी की सजा सुनाई गई।

फोटो 26 जुलाई की है, जब दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस बयान के लिए न्यायालय ले जा रही थी।

कटनी में आरोपी को सजा सुनाते हुए न्यायाधीश ने फैसले में कहा...

'मासूम बालिका के साथ किये गये क्रूर पाश्विक कृत्य के लिए आरोपी को कठोर दंड नहीं दिया गया तो यह हमारी भारतीय सामाजिक पारिवारिक धरोहर 'बेटियों' के साथ न्याय नहीं होगा'

न्यायाधीश ने कहा न्यायालय से जनमानस को यह अपेक्षा रहती है कि क्रूर अपराध के लिए आरोपी को कठोर दंड मिलना चाहिए। 'मासूम बालिका के साथ किये गये क्रूर पाश्विक कृत्य के लिए आरोपी को कठोर दंड नहीं दिया गया तो यह हमारी भारतीय सामाजिक पारिवारिक धरोहर 'बेटियों' के साथ न्याय नहीं होगा' आरोपी के साथ सहानुभूति न्याय व्यवस्था को अधिक हानि पहुंचाएगी। यह बात षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश माधुरीराज लालजी ने 5 साल की मासूम छात्रा के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी ऑटो चालक को शुक्रवार को सजा सुनाए के दौरान कही। न्यायाधीश ने आरोपी को फांसी के साथ ही 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मामले में पुलिस ने 12 जुलाई को चालान पेश किया,23 जुलाई से ट्रायल प्रारंभ हुआ। लगातार पांच दिन तक चले ट्रायल के बाद फैसला का प्रदेश में यह पहला मामला है। शासन की तरफ से जिरह करने वाले जिला अभियोजन अधिकारी हनुमंत किशोर शर्मा व डीएस तारन ने बताया कि कोतवाली थाना अंतर्गत नदीपार निवासी आरोपी ऑटो चालक राजकुमार कोल (34) को पांच साल की छात्रा को स्कूल से घर लाने ले जाने का जिम्मा माता-पिता ने सौंपा था। 4 जुलाई को छात्रा के साथ ऑटो चालक ने दुष्कर्म किया। उसकी इस हरकत से छात्रा बेहद डर गई। दूसरे दिन स्कूल जाने से मना कर दिया। 6 जुलाई को जब बच्ची ने फिर स्कूल जाने से मना किया तो माँ ने स्कूल नहीं जाने का कारण पूछा तो उसने राते हुए पूरी बात बताई। पूरे दिन परिजन इस बात को लेकर परेशान रहे। फिर रात 10.30 बजे कोतवाली थाना पहुंचे। ऑटो चालक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ धारा 376/2(आइ), 323, 3/4 पास्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। गिरफ्तार कर न्यायालय में पेेश किया। 12 जुलाई को पुलिस ने मामले चालान प्रस्तुत किया। एडीपीओ अभिषेक मेहलोत्रा ने बताया कि 23 जुलाई को ट्रायल शुरू हुआ जो लगातार पांच दिनों तक चला। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद शुक्रवार को षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश माधुरीराज लालजी ने धारा 376(कख) दंड विधि संशोधन अध्यादेश-2018 के तहत अपराध के लिए दोषी पाया और फांसी दिए जाने का फैसला सुनाया।

दोपहर 3 बजे जज ने सुनाई फासी की सजा
5 साल की छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले में शुक्रवार को फैसले का सुबह से ही लोग इंतजार कर रहे थे। परिजन भी सुबह से डटे रहे। लंच के बाद दोपहर जब 3 बजे कोर्ट परिसर में आरोपी को लाया गया तो वह डरा सहमा था। न्यायाधीश के फैसला सुनाने तक वह हाथ जोड़े खड़ा रहा। परिजन भी बाहर खड़ा होकर फैसले इंतजार कर रहे थे। इस बीच जैसे ही फैसला आया और आरोपी को फांसी सजा सुनाई गई तो फैसला सुनकर जैसे आरोपी सुन्न हो गया।

इस तरह चला घटनाक्रम
-4 जुलाई को छात्रा के साथ ऑटो चालक ने दुष्कर्म किया।
-6 जुलाई को छात्रा ने स्कूल जाने से मना किया। पूछने पर बड़ी मां को ऑटो चालक की हरकत के बारे में बताया।
-6 जुलाई की ही रात कोतवाली थाना पहुंचकर परिजनों ने आरोपी ऑटो चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अशलील हरकत का मामला दर्ज किया।
-7 जुलाई को कोतवाली पुलिस ने आरोपी ऑटो चालक को गिरफ्तार किया। उसी दिन न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
-12 जुलाई को पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश माधुरीराज लाल जी की अदालत में सुनवाई शुरू हुई।
-23 जुलाई से मामले में ट्रायल प्रारंभ हुआ। 24 व 25 को मामले से जुड़े लोगों के बयान दर्ज हुए।
-26 जुलाई को आरोपी की गवाही हुई।
-27-जुलाई को लंच के बाद दोपहर 3 बजे न्यायाधीश माधुरीराज लाल जी ने मृत्युदंड का फैसला सुनाया। इधर, कोर्ट के बाहर फैसला सुनने को खड़े परिजन मृत्युदंड की सजा सुनते ही रो पड़े।
-27 जुलाई को फैसला आने के बाद लोक अभियोजन संचालक राजेंद्र कुमार ने 5 दिन के भीतर कार्रवाई पूरी करने पर जिला अभियोजन अधिकारी हनुमंत किशोर शर्मा व डीएस तारण को प्रशंसा प्रमाण पत्र देने की घोषणा की।