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VIDEO: सूची में नाम फिर भी आशियाने के लिए भटक रहे हितग्राही, गजब है यहां के अफसरों की बेपरवाही

प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्की छत की आस में शहर के हितग्राही डेढ़-दो साल से नगर निगम के चक्कर काटकर परेशान हैं। पहले एक साल में आचार संहिता व चुनाव की बात कह हितग्राहियों को वहां से चलता किया गया तो अब राशि न होने की बात कह हितग्राहियों को राशि जारी नहीं की जा रही।

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Balmeek Pandey

Nov 22, 2019

कटनी. प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्की छत की आस में शहर के हितग्राही डेढ़-दो साल से नगर निगम के चक्कर काटकर परेशान हैं। पहले एक साल में आचार संहिता व चुनाव की बात कह हितग्राहियों को वहां से चलता किया गया तो अब राशि न होने की बात कह हितग्राहियों को राशि जारी नहीं की जा रही। दूसरी और तीसरी किश्त के लिए ही नहीं बल्कि पहली किश्त के लिए भी हितग्राही परेशान हैं, लेकिन नगर निगम के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ढाई लाख रुपये का भुगतान हितग्राहियों को किया जाना है। इसमें हजारों हितग्राही चक्कर लगा रहे हैं। सत्यापन की बात कहकर बेवजह राशि रोककर रखी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में ताबड़तोड़ आवास बन रहे हैं, लेकिन शहरी क्षेत्र में नगर निगम की बेपरवाही से गरीबों को पक्की छत नसीब नहीं हो पा रही।

 

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केस-01
जानकी बाई पति मनोज कुमार निवासी इंद्रानगर दो साल पहले नगर निगम में आवेदन जमा कर चुकी है, लेकिन अबतक हितग्राही को राशि जारी नहीं की गई। हितग्राही नगर निगम के चक्कर काटकर परेशान है।

केस-02
तिजिया बाई पति मोहन चौधरी निवासी सावरकर वार्ड एक साल पहले पीएम आवास के लिए फॉर्म नगर निगम में जमा कर चुकी है, लेकिन अभी तक न तो आवास का लाभ मिला और ना ही अधिकारी बता रहे कि कबतक काम होगा।

 

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केस-03
रामसजीवन रैदास निवासी पहरुआ का पीएम आवास में नाम है, लेकिन अबतक हितग्राही को राशि नहीं मिली। रामसजीवन ने बताया कि वह कई बार नगर निगम गया, लेकिन उसे कह दिया जाता है कि अभी ऊपर से रुपये नहीं आए।

केस-04
राजबहादुर रैदास इंद्रानगर का बारिश के चलते मकान गिर गया था, अब वह एक कमरा झोपड़ीनुमा बनाकर रह रहा है, लेकिन अभी तक आवास नहीं आया। यही हाल लक्खू चौधरी इंद्रानगर का भी है। हितग्राही आवास के लिए परेशान हैं।

इनका कहना है
पीएम आवास के लिए राशि आ चुकी है। सत्यापन का कार्य जारी है। जैसे ही सत्यापन प्रक्रिया पूरी होती है खाते में राशि जियोटैग के आधार पर भेज दी जाएगी।
शैलेंद्र शुक्ला, अधीक्षण यंत्री, नगर निगम।