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तस्करों से शराब छीनकर एसपी के पास पहुंची महिलाएं, कहा-बंद होना चाहिए नशे का कारोबार, लगा इन पर दाग

स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के देवरी मवई में अवैध शराब विक्रय के खिलाफ महिलाओं ने किया प्रदर्शन, पुलिस व आबकारी विभाग पर कार्रवाई न करने का लगाया आरोप

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कटनी

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Balmeek Pandey

Jan 07, 2026

Sharab

Sharab

कटनी. स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरी मवई में अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं का आक्रोश फूट पड़ा। गांव में धड़ल्ले से बिक रही कच्ची और अवैध शराब से परेशान दर्जनों महिलाओं ने शराब तस्करों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मंगलवार को बड़ा कदम उठाया। महिलाओं ने शराब तस्करों से शराब की बोतलें छीन लीं और उन्हें बोरी में भरकर सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गईं। एसपी कार्यालय के बाहर शराब की बोतलें रखकर महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा कि हर हाल में गांव में चल रहा नशे का अवैध कारोबार बंद किया जाए। महिलाओं का कहना है कि वे लंबे समय से स्लीमनाबाद पुलिस और आबकारी विभाग को अवैध शराब बिक्री की जानकारी दे रही थीं, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
महिलाओं ने बताया कि गांव में दीपक पटेल, संदीप पटेल, दुर्गा पटेल, मुकेश पटेल आदि ेद्वारा अवैध तरीके से शराब बेची जा रही है। गांव की सखी बाई, गुड्डी बाई चौधरी, सपना बाई आदि ने बताया कि गांव में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि सुबह के समय युवा, किशोर और पुरुष चाय पीने के बजाय शराब पीने के लिए घर से निकल जाते हैं। शराब की लत के कारण गांव का सामाजिक ताना-बाना पूरी तरह बिगड़ गया है। परिवारों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। महिलाएं मजदूरी करके परिवार चलाने के लिए पैसे जुटाती हैं, लेकिन शराब के नशे में घर के पुरुष झगड़ा कर वही पैसे छीन लेते हैं और शराब में उड़ा देते हैं। महिलाओं ने कंट्रोल रूम प्रभारी अनूप सिंह को ज्ञापन सौंपा व एसपी के पास दो महिलाओं ने जाकर अवैध कारोबार बंद कराने आग्रह किया।

पुलिस-आबकारी पर गंभीर आरोप

ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि गांव में शराब इतनी आसानी से उपलब्ध हो रही है कि पूरा गांव नशे की गिरफ्त में चला गया है। हैरानी की बात यह है कि कई बार सूचना देने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची भी, लेकिन कथित संरक्षण के चलते शराब तस्करों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। महिलाओं का आरोप है कि स्लीमनाबाद पुलिस सूचना देने पर पहुंचती है, लेकिन कार्रवाई नहीं करती। तस्करों को खुला संरक्षण है। इसके अलावा आबकारी विभाग का भी खुलासा संरक्षण है, जिसके कारण गांव-गांव नशे का अवैध कारोबार चल रहा है। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध शराब बिक्री पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई गई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गांव में नियमित कार्रवाई कर शराब तस्करों पर सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि आने वाली पीढ़ी को नशे से बचाया जा सके।