17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सिटी बस के लिए 11 साल से टेंडर-टेंडर खेल रहे जिम्मेदार!

खाते में हैं दो करोड़ रुपए, फिर भी सिटी बस योजना सिर्फ कागजों पर, कटनी सिटी बस कब चलेंगी, किसी को पता नहीं!

2 min read
Google source verification
bcll bus fare bhopal city bus fare transport Department bhopal news

bcll bus fare bhopal city bus fare transport Department bhopal news

राघवेंद्र चतुर्वेदी @ कटनी. शहरवासी 11 साल से सुगम, सस्ता और सुरक्षित यातायात के लिए सिटी बस का इंतजार कर रहे हैं। नगर निगम में 2010 में प्रस्ताव पास होने के बाद कई दौर के टेंडर निकाले गए। हर बार जल्द से जल्द लोगों को सिटी बस की सुविधा उपलब्ध कराने के सपने दिखाए गए। ट्रांसपोर्ट कंपनी का गठन किया गया। केंद्र व राज्य सरकार से अलग-अलग समय में मिले मद से दो करोड़ रुपए से ज्यादा खाते में हैं। इसके बाद भी शहर में सिटी बस नहीं दौड़ पाईं।

नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष मिथिलेश जैन बताते हैं कि वर्ष 2014 से पूरे पांच साल तक नगर निगम का कार्यकाल चला। इस बीच सिटी बस चलाने की तमाम कोशिशें की गईं, लेकिन नागरिकों को सुविधा नहीं मिली। इसे तत्कालीन जनप्रतिनिधियों की नाकामी से जोड़कर देखा जाना चाहिए।

पूर्व महापौर शशांक श्रीवास्तव बताते हैं कि शहर में नागरिकों को सिटी बस की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए हमारे कार्यकाल में गम्भीर प्रयास हुए। इसी का नतीजा है कि जल्द ही शहर की सड़कों पर सिटी बस दिखेगी और लोगों को सुविधा भी मिलेगी।

वहीं नगर निगम आयुक्त सत्येंद्र धाकरे बताते हैं कि शहर में सिटी बस चलाने की तैयारी अंतिम दौर में है। ठेका कंपनी जनवरी में दो बसें चलाने वाली है। दो बसें मार्च में शुरू हो जाएगी।

बस चलाने की बारी आई तो कोरम पूर्ति तक सीमित रहा प्रयास
-शहर में सिटी बस चलाने के लिए टेंडर प्रक्रिया और दूसरी बाधाएं पार होने के बाद जब सड़कों पर बस उतारने की बारी आई, तो जिम्मेदारों ने सिटी बस के बजाय इंटरसिटी बस चलाने पर ज्यादा ध्यान दिया। 28 नवंबर को जिले के प्रभारी मंत्री से कटनी से इंदौर के बीच इंटरसिटी बस का उद्घाटन करवाया गया।
- सिटी बस नहीं चलने से शहर के लोग गुस्से में हैं। बताते हैं कि कटनी से इंदौर तो लोग ट्रेन से भी जा सकते हैं। जरूरी थी शहर के अंदर सिटी बस, जिसे चलाने में अफसरों का प्रयास कागजों तक ही सीमित हैं।
-इंटरसिटी बस में भी कटनी से कान्हा टाइगर रिजर्व सहित दूसरे टाइगर रिजर्व और शहरों के बीच बस चलाने के सपने दिखाए गए, जो पूरे नहीं हुए।
- सिटी बस चलने से शहर में प्रदूषण में कमी, शहर के अंदर आवागमन में पैसे की बचत व महिलाओं व युवतियों के लिए सुरक्षित आवागमन जैसी सुविधाएं मिलती।

ऐसे चला टेंडर का खेल
- 01 दिसंबर 2017
- 03 जनवरी 2018
- 3 फरवरी 2018
- 15 मार्च 2018
- 24 अप्रैल 2018
- 25 जून 2018
- 11 सितंबर 2019
(शहर में दो साल के अंदर निकाले गए टेंडर की तारीख बताकर जिम्मेदार अपना प्रयास बताते हैं। लेकिन, नागरिकों की दिक्कतें कम नहीं हुईं।)