18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

12 हजार की रिश्वत लेते धाराया राजस्व अफसर, पीएम आवास योजना में दिलाने वाला था लाभ

बरही नगर परिषद के सहायक राजस्व निरीक्षक को जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने 12 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

2 min read
Google source verification
News

12 हजार की रिश्वत लेते धाराया राजस्व अफसर, पीएम आवास योजना में दिलाने वाला था लाभ

मध्य प्रदेश सरकार की तमाम सख्तियों और लोकायुक्त पुलिस की लगातार कार्रवाईयों के बावजूद सूबे के सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला मध्य प्रदेश के कटनी जिले से सामने आया है, जहां कर्मचारियों में भ्रष्टाचार दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है। जिले की ही बात करें तो यहां आए दिन कोई न कोई सरकारी अफसर या कर्मचारी रिश्वत लेते धराया जा रहा है।बुधवार को कटनी में फिर एक सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़ाया है।

बता दें कि, जिले के बरही नगर परिषद के सहायक राजस्व निरीक्षक को जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने 12 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने नगर परिषद क्षेत्र के एक युवक से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर 12 हजार रुपए की मांग की थी। इसके बाद फरियादी ने इसकी शिकायत जबलपुर लोकायुक्त पुलिस से की। शिकायत सिद्ध पाए जाने के बाद लोकायुक्त टीम ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए रिश्वत की रकम लेते हुए सहायक राजस्व निरीक्षक को दबोच लिया।

यह भी पढ़ें- मंदिर में आपत्तिजनक पोस्टर चिपकाने वाला पकड़ाया, CCTV फुटेज से पुलिस ने दबोचा


आवेदक ने नगर परिषद में लगाया था आवेदन

जानकारी के अनुसार, भीम प्रसाद कचैर छिंदिया टोला वार्ड नंबर 12 बरही का रहने वाला है। युवक ने अपनी पत्नी के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत होने के संबंध में नगर परिषद में आवेदन लगाया था। योजना के तहत मकान स्वीकृत करने के एवज में अक्षय जोशी सहायक राजस्व निरीक्षक नगर परिषद बरही ने भीम से 12 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। इसके बाद भीम ने मामले की शिकायत जबलपुर पहुंचकर लोकायुक्त एसपी से की। लोकायुक्त एसपी ने मामले का सत्यापन कराने के बाद बुधवार को डीएसपी दिलीप झरबड़े के नेतृत्व में टीम कटनी के बरही भेजी।

इस दौरान टीम के सदस्य चारो तरफ फैल गए और आवेदक को पैसे देकर सहायक राजस्व निरीक्षक के पास भेजा। जैसे ही नगर परिषद कार्यालय के बाहर सड़क पर भीम ने सहायक राजस्व निरीक्षक को रिश्वत के 12 हजार रुपए दिए और उसका इशारा मिलते ही लोकायुक्त की टीम ने आरोपी को दबोच लिया। नगर परिषद कार्यालय में लोकायुक्त की कार्रवाई होते ही हड़कंप मच गया। लोकायुक्त टीम आरोपी को नगर परिषद के कार्यालय लेकर गई, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरु की।