जिले में इस वर्ष रबी सीजन में गेहूं की बोनी के लिए एक लाख 5 हजार हेक्टेयर का रकबा निर्धारित किया था और उसमें से लगभग पूरी बोनी हो चुकी है। साथ ही 20 हजार हेक्टेयर के लगभग रकबे में दलहनी फसल बोई गई है। खरीफ सीजन में अच्छी बारिश से रबी सीजन में भी अच्छे उत्पादन की संभावना से किसान खुश हैं लेकिन बादलों के डेरों से रोग लगने की आशंका से उनकी चिंता बढ़ी हुई है। कृषक तुलसीराम हल्दकार का कहना है कि बादलों को डेरा बना रहता है तो दलहनी फसलों को नुकसान हो सकता है, जिसमें इल्ली आदि के प्रकोप की संभावना बढ़ जाती है।