
Major Changes in Budget and Policies for Cattle in MP - AI picture (patrika)
कटनी. शहर में आवारा (निराश्रित) मवेशियों को हटाने, हादसों से बचाने व सुगम यातायात व्यवस्था रखने के लिए नगर निगम द्वारा अमीरगंज व झिंझरी में गौशाला संचालक का राग अलापा जा रहा है, लेकिन इन गौशालाओं के इंतजाम मवेशियों की जान पर भारी पड़ रहे हैं। अमीरगंज मं तीन दर्जन से अधिक मवेशी रखे गए हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इनके खाने-पीने के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। गौशाला में एक सप्ताह से भूसा नहीं है। पूर्व के पखवाड़ों में भी यही हालात रहे हैं। भूख के कारण मवेशी यहां पर छटपटाते रहते हैं। कर्मचारियों द्वारा थोड़ा बहुत कुछ इंतजाम कर दिया जाता है, फिर पास में उन्हें खुला छोड़ दिया जाता है, जिससे वे भूख मिटाते हैं, लेकिन नगर निगम के जिम्मेदारों द्वारा यहां पर भूसा आदि का इंतजाम नहीं किया गया।
रविवार सुबह पत्रिका ने गौशाला की हकीकत जानी तो यहां पर विकराल समस्या थी। मवेशी भूख से छटपटा रहे थे। इस मामले को पत्रिका ने तत्काल नगर निगम आयुक्त के संज्ञान में मामला लाया, जिसके बाद आयुक्त ने तत्काल व्यवस्था के निर्देश स्वास्थ्य अधिकारी को दिए। नगर निगम का अमला लोडर वाहन में मवेशियों के लिए आहर लेकर पहुंचा तो उन्हें राहत मिली। हालांकि अभी भी यहां पर मवेशियों के लिए भूसा आदि का इंतजाम नहीं किया गया। ऐसे में मवेशियों को भूखा रखना जिम्मेदारों की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है। विकास दुबे, राजा जगवानी, पार्षद श्याम पंजवानी आदि ने कहा कि नगर निगम को गौशाला में आवश्यक इंतजाम करने चाहिए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। मवेशियों के लिए पर्याप्त भूसा-चारा बेहद जरूरी है। शहर से भी आवारा मवेशियों को हटाया जाना चाहिए।
गौशाला में कई दिनों ने मवेशियों के लिए भूसा, चारा का अभाव बना हुआ है। इस दौरान जब नगर निगम के कर्मचारी लोडर में चारा, सब्जियों के पत्ते आदि लेकर पहुंचे और जैसे ही मैदान में गिराना शुरू किया तो भूखे मवेशी टूट पड़े। मवेशियों की छटपटाहर साफ झलकी कि किस तरह से वे भूख से तड़प रहे हैं। यह नौबत पिछले कई दिनों से बनी हुई है।
नगर निगम आयुक्त तपस्या पहिहार ने गौशाला में व्याप्त समस्याओं को दूर करने के लिए स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी को निर्देशित किया। संजय सोनी स्टॉफ के साथ मौके पर पहुंचे और मंडी से मवेशियों के लिए सब्जियां आदि लोडर में भरकर बुलवाई गईं। इस दौरान सभी मवेशियों को खिलाया गया। स्वास्थ्य अधिकारी ने गौशाला के कर्मचारियों को मवेशियों की देखभाल करने के निर्देश दिए।
भले ही नगर निगम द्वारा शहर के दो स्थानों अमीरगंज और झिंझरी में गौशाला संचालन का दावा किया जा रहो, लेकिन शहर में अवारा मवेशियों की धमाचौकड़ी कम होने की नाम नहीं ले रही। बड़े-बड़े सांड सहित अन्य मवेशी शहर की सडक़ों पर विचरण कर रहे हैं। धमाचौकड़ी से राहगीरों को भी परेशानी होती है। पूर्व में कई गंभीर हादसे भी हो चुके हैं, बावजूद इसके निराश्रित मवेशियों को सुरक्षित गौशाला में रखने के लिए नगर निगम व जिला प्रशासन द्वारा ठोस पहल नहीं कराई जा रही।
वर्जन
अमीरगंज स्थित गौशाला में मवेशियों के भूसा आदि न होने की सूचना प्राप्त हुई थी। तत्काल स्वास्थ्य अधिकारी को व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। मवेशियों की देखरेख में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो, यह कहा गया है। गौशाला में सभी आवश्यक इंतजाम कराए जाएंगे।
तपस्या परिहार, आयुक्त नगर निगम।
Published on:
15 Dec 2025 09:58 am
बड़ी खबरें
View Allकटनी
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
