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ऑनलाइन सट्टे का हैंडलर दुर्गेश यादव गिरफ्तार, पुलिस उगलवा रही कालेधन का राज

रुपए खत्म होने पर आया था लेने, भोपाल में एक व्यक्ति से संपर्क कर कमीशन में फैलाया था सट्टे नेटवर्क, सरगना की तलाश में पुलिससूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में विद्यार्थी व बेरोजगार युवकों के खाते खोलकर किए गए फर्जीवाड़े का मामलापुलिस को 10 करोड़ रुपए से अधिक का मिला ट्रांजेक्शन

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कटनी

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Balmeek Pandey

Feb 16, 2024

ऑनलाइन सट्टे का हैंडलर दुर्गेश यादव गिरफ्तार, पुलिस उगलवा रही कालेधन का राज

ऑनलाइन सट्टे का हैंडलर दुर्गेश यादव गिरफ्तार, पुलिस उगलवा रही कालेधन का राज

कटनी. सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में 25 युवकों सहित अन्य बैंकों में विद्यार्थी व बेरोजगार युवकों के खाते खोलकर ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क फैलाने वाले हैंडलर दुर्गेश यादव को पुलिस ने बुधवार सुबह दबोच लिया है। दुर्गेश यादव जब रुपयों की तंगी के कारण परेशान होने लगा और घर से पैसे लेने जा रहा था, तभी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कटनी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने पूछताछ की है, जिसमें अभी वह राज नहीं उगल रहा है। पुलिस को गुमराह करते हुए सिर्फ इतना बता रहा है कि सोशल मीडिया के माध्यम से हुए संपर्क के बाद वह भोपाल में एक युवक से मिला था, उसके बाद उसने ऑनलाइन सट्टे का काम शुरू किया था।
पुलिस गिरफ्त में आया हैंडलर दुर्गेश यादव ने बताया वह टेलीग्राम के माध्यम से महादेव एप से जुड़ा। वहां से उसे सटोरियों से संपर्क हुआ, इसके बाद उसने ‘लोटस बुक’ पर सट्टा खेलना शुरू किया। टेलीग्राम के माध्यम से ही भोपाल के एक युवक से जो लोटस ग्रुप का था उससे संपर्क हुआ हुआ। उसने कमीशन की बात पर नेटवर्क फैलाने की बात की। ऑनलाइन सट्टे के लिए युवकों के खाता खुलवाने का टास्क दिया। भोपाल से लैपटॉप, मोबाइल, सिम आदि लेकर आया और यहां पर काम शुरू किया।

35 हजार कमीशन व 25 हजार मिलता था वेतन
प्रारंभिक पूछताछ में दुर्गेश ने पुलिस को बताया कि उसको एक खाता खुलवाने के बदले 35 हजार रुपए कमीशन मिलता था व 25 हजार रुपए हर माह वेतन। वह सूर्योदय बैंक में 25, एयू बैंक में 6, बंधन बैंक में 7, डीसीबी बैंक में 7 सहित अन्य बैंकों में युवकों के खाते खुलवाकर उनके नाम की सिम, एटीएम, पासबुक भोपाल में बैठी टीम को उपलब्ध करा देता था, जिनके माध्यम से खातों में सट्टे की रकम का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन होता था।

तोडकऱ फेंक दिया है मोबाइल
दुर्गेश ने बताया है कि पुलिस के पकड़े जाने के डर से उसने मोबाइल तोडकऱ फेंक दिया है। वह कटनी सहित जबलपुर, पन्ना सहित प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी युवकों के खाते खुलवाया है। तिलक कॉलेज से बीए की पढ़ाई करने के बाद बेरोजगारी के चक्कर में यह करना शुरू किया। पहले वह खुद सट्टा खेलता था और फिर सितंबर माह से सट्टा खिलाना शुरू कर दिया था।

10 करोड़ के ऊपर मिला ट्रांजेक्शन
पुलिस द्वारा अबतक 40 खातों के ट्रांजेक्शन की जांच की है। वहीं बैंकों से मिली ट्रांजेक्शन व यूपीआई रिपोर्ट के अनुसार 10 करोड़ रुपए की काली रकम इधर से उधर हुई है। पुलिस यूपीआई की पूरी डिटेल खंगालने में जुटी है। आरोपी को रिमांड में लेकर पूछताछ कर रही है।

वर्जन
ऑनलाइन सट्टे के लिए सूर्योदय बैंक सहित कई बैंकों में खाता खुलवाकर नेटवर्क फैलाने वाले मुख्य आरोपी दुर्गेश यादव को गिरफ्तार किया गया है। वह यह बता रहा कि टेलीग्राम के माध्यम से भोपाल के एक युवक के संपर्क में आने के बाद सट्टा खिला रहा था। रिमांड पर लेकर आरोपी से पूछताछ की जा रही है। 10 करोड़ रुपए से अधिक का ट्रांजेक्शन अबतक मिला है। अन्य खातों की जांच चल रही है।
अभिजीत रंजन, एसपी।