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टैक्स की टेंशन: पहले सालभर बरती सुस्ती, वित्तीय वर्ष समाप्ति से पहले सख्ती

Tension of tax collection in Katni

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कटनी

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Balmeek Pandey

Feb 18, 2025

Tension of tax collection in Katni

Tension of tax collection in Katni

विभागों में राजस्व वसूली हुई तेज, कहीं काटी जा रही बिजली तो कहीं पर नल कनेक्शन, नगर निगम, बिजली कंपनी, परिवहन विभाग सहित विभागों में बढ़ा दबाव, बकायादारों पर सख्ती

कटनी. वित्तीय वर्ष समाप्त होने में महज सवा माह से कम का समय शेष है, ऐसे में सरकारी विभागों पर राजस्व वसूली का भारी दबाव बढ़ गया है। नगर निगम, बिजली विभाग, परिवहन विभाग, पंजीयन विभाग और खनिज विभाग सबसे अधिक माथापच्ची में जुटे हुए हैं। हैरानी की बात तो यह है सालभर विभाग सुस्त रहते हैं और वित्तीय वर्ष की समाप्ति के समय पर सख्ती दिखाई जाती है। नगर निगम द्वारा बकायादारों से वसूली के लिए वार्डों में शिविर लगाए जा रहे हैं, वहीं बिजली कंपनी बकायादारों को जागरूक करने के लिए घर-घर बैंड बजाकर और रैलियां निकालकर बिल जमा करने के लिए प्रेरित कर रही है।
इसके अलावा बिजली कंपनी द्वारा बकायादारों के कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी की जा रही है। नगर निगम भी सख्ती दिखाते हुए पानी के नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई कर रहा है। राजस्व वसूली में यह संकट हर वर्ष सामने आता है, क्योंकि वित्तीय वर्ष की शुरुआत में अधिकारी-कर्मचारी इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं देते, जिससे करोड़ों रुपए की राशि बकाया हो जाती है। अब, अंतिम समय में तेजी से वसूली करने की कोशिश की जा रही है ताकि राजस्व घाटे को कम किया जा सके।

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कई करोड़ नगर निगम का बकाया
जानकारी के अनुसार नगर निगम में हालसाल में 11 करोड़ 54 लाख रुपए के राजस्व का लक्ष्य है, जबकि पुराना 20 करोड़ रुपए बकाया है। चालू साल में नगर निगम दो करोड़ व पुराने बकाया पर सिर्फ 5 करोड़ रुपए वसूल पाया है। इसी प्रकार जलकर की डिमांड 5.50 करोड़ रुपए थी, जिसमें 1.50 करोड़ रुपए ही वसूले गए हैं। पुराने 25 करोड़ रुपए बकाया है जिसमें से महज 2 करोड़ रुपए अधिकारी-कर्मचारी वसूल पाएं हैं। इसके अलावा दुकान किराये की सवा करोड़ डिमांड है, पुराना दो करोड़ रुपए किराया बकाया है, इसमें चालू वर्ष का 20 लाख रुपए व पुराने का एक करोड़ रुपए ही वसूला गया है।

परिवहन विभाग में भी 25 फीसदी बकाया
परिवहन विभाग में भी 25 प्रतिशत वसूली शेष है। जानकारी के अनुसार लक्ष्य 58 करोड़ रुपए का दिया गया था। आरटीओ विमलेश गुप्ता ने बताया कि 75 प्रतिशत राजस्व प्राप्त हो गया है। इसमें लाइफ टाइम टैक्स, परमिट, फिटनेस, लाइसेंस फीस, बसों का मंथली किराया, चैकिंग अभियान के दौरान अधिरोपित जुर्माना आदि की राशि बकाया है।


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बिजली कंपनी पर 93 करोड़
बिजली कंपनी पर लगभग 93 करोड़ रुपए की राशि बकाया है। जिले में 3 लाख 20 हजार 435 उपभोक्ता हैं, उनसे वसूली की कार्रवाई की जा रही है। शहर में भी कई करोड़ रुपए बकाया है। बिजली कंपनी द्वारा बरही में बैंड बजाकर अनूठा प्रयास किया गया। शहर में रैली निकालकर जागरुक किया गया।

पंजीयन विभाग में भी 40 करोड़ बकाया
जिला पंजीयक विभाग में भी 40 करोड़ रुपए से अधिक का लक्ष्य हासिल करना है। जिला पंजीयक पंकज कोरी ने बताया कि विभाग को 136 करोड़ रुपए का लक्ष्य तय किया गया था। अबतक 95 करोड़ रुपए का राजस्व 17 हजार दस्तावेजों से प्राप्त हुआ है। जमीनों की रजिस्ट्री, सेल डीड, किरायानामा आदि से राजस्व मिला है। लगभग 41 करोड़ रुपए और राजस्व प्राप्ति को लेकर जद्दोजहद जारी है। इसी प्रकार खनिज विभाग में भी राजस्व वसूली तेज कर दी गई है।