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सरकार के खिलाफ मौन सत्याग्रह करने वाले को मिला सम्मान

कांग्रेस शहर अध्यक्ष मिथलेश जैन ने उठाए सवाल

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सरकार के खिलाफ मौन सत्याग्रह करने वाले को मिला सम्मान

सरकार के खिलाफ मौन सत्याग्रह करने वाले को मिला सम्मान

कटनी. जिला प्रशासन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई पहल शुरू की गई है। कटनी गौरव अलंकरण समारोह सम्मान की शुरुआत की गई है। इस दौरान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के द्वारा कटनी गौरव का सम्मान निजी स्कूल के संचालक मोहन दास नागवानी को दिया गया है। हैरानी की बात तो यह रही कि यह सम्मान उन्हें किस लिए दिया गया है कलेक्टर नहीं बता पाए।

उन्होंने कहा कि टीम ने रिकमेंड किया था इस आधार पर दिया गया है। जैसे देश में भारत रत्न, पद्मश्री अन्य पुरस्कार मिलते हैं उसी तर्ज पर कटनी में भी कटनी गौरव सम्मान की शुरुआत की गई है। यह एक ही व्यक्ति को सम्मान मिला है। इस पर प्रविष्ठियां मंगाई गई थी उसी आधार पर दिया गया है। सम्मान की घोषणा होते ही इस पर सवाल खड़े होने लगे। लोगों ने कहा कि किस उपलब्धि के लिए यह सम्मान मिला है। यह समझ के परे है। वही कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष मिथिलेश जैन ने इस सम्मान को आड़े हाथों लिया है। कहा है कि जो व्यक्ति भूमाफिया जैसे काम करता है। सरकारी जमीन पर कब्जा कर निजी स्कूल बनाए हुए हैं। उन्हें कटनी गौरव का सम्मान दिया गया है। यह अनुचित है इस तरह से शहर में और भी जितने भूमाफिया हैं उनके नाम पद्म श्री, भारत रत्न के लिए जिला प्रशासन रिकमेंड करें। मिथलेश जैन ने कहा जिन्होंने कोविड-19 ने बेहतर काम किए हैं अन्य सेवा के क्षेत्र में अलख जगाई है, उन्हें कटनी गौरव का सम्मान मिलना चाहिए था। यह राजनीतिक लोगों से जुड़े हुए व्यक्ति को उपयोग करने के लिए प्रशासन द्वारा सम्मान दिया गया है जो अनुचित है।

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सरकार के खिलाफ कर चुके का प्रदर्शन
मोहन नागवानी को कटनी गौरव से सम्मानित किया गया। हैरानी की बात तो यह है कि वो कोविड काल में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा स्कूल बंद करा दिए गए थे। जिसका इन्होंने विरोध किया था। अपने साथियों के साथ कई दिनों तक कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर मौन सत्याग्रह किया था और यह मौन सत्याग्रह कई जिलों में चला था। हैरानी की बात तो यह है कि प्रशासन ने ऐसे व्यक्ति को सम्मानित कर दिया। जिसने सरकार के खिलाफ ही मोर्चा खोला था। अब इस सम्मान के बाद शहर के लोगों में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं और कलेक्टर प्रियंक मिश्रा की किरकिरी होना शुरू हो गई है।