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इसे कहते हैं नौ दिन चले अढ़ाई कोस: शहरवासी भी हतप्रभ, आखिर इस योजना में क्यों लग गए 39 वर्ष

114 की हुई रजिस्ट्री, सिर्फ छह व्यापारियों ने ही शुरू किया निर्माण, 117 व्यापारी अभी भी जमीन के लिए तके हैं राह, नहीं हो पाई आवंटन प्रक्रिया, नगर निगम की लचर कार्यप्रणाली के चलते 39 साल बाद भी शिफ्ट नहीं हो पाया ट्रांसपोर्ट नगर

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कटनी

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Balmeek Pandey

Jul 29, 2020

इसे कहते हैं नौ दिन चले अढ़ाई कोस: शहरवासी भी हतप्रभ, आखिर इस योजना में क्यों लग गए 39 वर्ष

इसे कहते हैं नौ दिन चले अढ़ाई कोस: शहरवासी भी हतप्रभ, आखिर इस योजना में क्यों लग गए 39 वर्ष

कटनी. शहर में बढ़ते कारोबार और इस कारोबार के चलते पूरे शहर में पनपी ट्रैफिक जाम समस्या की से निजात दिलाने के लिए जनप्रतिनिधियों, नगर निगम व जिला प्रशासन द्वारा ट्रांसपोर्ट नगर बसाने की योजना बनाई गई। जानकर ताज्जुब होगा कि यह योजना 1981 में बनी थी। योजना बने हुए 39 साल का वक्त बीत गया है और अबतक ट्रांसपोर्ट नगर शिफ्ट नहीं हो पाया। ट्रांस पोर्ट नगर बसाने की की स्थिति 'नौ दिन चले अढ़ाई कोसÓ कहवात जैसी हो गई है। एक साल से नगर निगम ने इस प्रक्रिया में तेजी लाई, लेकिन अभी भी इसमें कई पेंच होने के कारण योजना फलीभूत नहीं हो पाई। कारोबारियों को आवंटित किए गए प्लाटों की रजिस्ट्री होने और नक्शा पास कराने सहित भोपाल मुख्यालय से तकनीकी खामी दूर कराने के बाद भी यहां पर कंस्ट्रक्शन में तेजी नहीं आई। 114 व्यापारियों को जमीन की रजिस्ट्री करा दी गई है, लेकिन अभी तक मात्र छह लोगों ने ही निर्माण कार्य शुरू किया है। निर्माण कार्य का यही रवैया रहा तो अभी भी ट्रांसपोर्ट नगर को शिफ्ट होने में दो से तीन वर्ष का वक्त लग जाएगा। वहीं कारोबारियों की मानें नगर निगम की पहले लचर कार्यप्रणाली रही तो वहीं अब वैश्विक महामारी कोरोना वायरस निर्माण कार्य में अवरोध बना हुआ है। वहीं शहरवासी भी हतप्रभ हैं कि आखिरकार 39 बरस बाद भी क्यों ट्रांसपोर्ट नगर शिफ्ट नहीं हो पाया।

आधा सैकड़ा ही पास हुए नक्शे
ट्रांसपोर्ट नगर में व्यापारियों द्वारा निर्माण न शुरू करने के पीछे महामारी के चलते लॉकडाउन के कारण निर्माण सामग्री न मिलना तो है ही साथ ही नगर निगम की ढुलमुल रवैया भी मुख्य कारण है। 114 प्लाटों की रजिस्टी में अभी आधा सैकड़ा व्यापारियों के नक्शा पास नहीं हो पाए। इस कारण भी कई लोगों ने निर्माण शुरू नहीं किया। अब व्यापारी भी लॉकडाउन खत्म होने व महामारी से राहत मिलने के बाद निर्माण शुरू करने की बात कह रहे हैं। व्यापारियों का भी साफ कहना है कि पहले नगर निगम के अफसर नहीं चाह रहे थे कि ट्रांसपोर्ट नगर शिफ्ट हो नहीं तो कई साल पहले शहरवासियों को समस्या का समाधान हो जाता।

खास-खास:
- ट्रांसपोर्ट नगर योजना की स्वीकृति मिनीस्ट्री ऑफ अरबन डेव्हल्पमेंट गर्वमेंट ऑफ इंडिया द्वारा पत्र क्रमांक 14011/8/81/3ए 28 28 फरवरी 1981 को मिली।
- पुरैनी गांव में 20 हेक्टेयर भूमि 1983-84 में की गई आरक्षित, प्रीमियम एवं वार्षिक रेंट जमा करने की शर्त पर पर नगर निगम कटनी को अग्रिम अधिपत्य में दिए जाने का हुआ आदेश।
- 1995 में 267 ट्रांसपोर्टरों से जमीन के भू-भाग के व डेव्हल्पमेंट कास्ट के प्रथम किस्त के रूप में 20 लाख रुपए हुए थे जमा, वर्ष 2001 में चैक वापसी की हुई थी प्रक्रिया।
- 6 सितंबर 2006 को भोपाल में ट्रांसपोर्ट ऐसोसिएशन के पदाधिकारी, तत्कालीन महापौर, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन व नगरीय प्रशासन की उपस्थिति में हुआ निर्णय।
- ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण के लिए मध्यप्रदेश शासन नगर प्रशासन एवं विकास विभाग का 29 सितंबर 2010 को फिर हुआ आदेश, ट्रांसपोर्ट नगर बनाने बनी सहमति।

117 व्यापारी वेटिंग में
आज के समय में कटनी शहर बहुत बड़ा व्यापारिक हब बन गया है। रेल, सड़क मार्ग के कारण न सिर्फ आसपास के जिले बल्कि दूसरे प्रदेशों का कारोबार यहीं से संचालित हो रहा है। बढ़े व्यापार के कारण माल के भंडारण, वाहनों सहित क्रेता-विक्रेता की आवाजाही के कारण शहर जाम के झाम में पूरे समय फंसा रहता है। इस समस्या से निजात दिलाने ननि के अफसर ही विशेष रुचि नहीं दिखा रहे। हैरानी की बात तो यह है कि अभी 117 व्यापारी वेटिंग लिस्ट में हैं, इनको प्लांट आवंटन के लिए अबतक प्रक्रिया नहीं कराइ गई।

अतिक्रमण व चोरी भी है समस्या
ट्रांसपोर्ट नगर में अतिक्रमण और चोरी की समस्या गंभीर हो गई है, इसके बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा। यहां पर तेजी से अतिक्रमण हो रहा है। निवर्तमान पार्षद राजकिशोर यादव कई बार ननि में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अफसर कार्रवाई ही नहीं कर रहे। यहां पर लगी स्ट्रीट लाइट सहित अन्य सामग्री चोरी हो गई, लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं ट्रांसपोर्ट नगर में ठेकेदार गुल्लू खंपरिया द्वारा निगम अफसरों से साठगांठ कर अतिक्रमण किए हुए है, जिसपर भी कार्यवाही नहीं हो रही। वहीं एक साल में ट्रांसपोर्ट नगर में बनी डामर सड़क के गुणवत्ता की पोल खुलने लगी है। सड़क में गड्ढे होने लगे हैं।

इनका कहना है
ट्रांसपोर्ट नगर के रजिस्ट्री व नक्शे की प्रक्रिया हो गई है। कुछ नक्शे बाकी हैं। कई व्यापारियों ने निर्माण भी शुरू कर दिया है। शीघ्र ही प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। वहीं अतिक्रमण पर भी कार्रवाई होगी।
राकेश शर्मा, कार्यपालन यंत्री नगर निगम।