
transport nagar scheme katni
कटनी. सिस्टम में खामियों का साम्राज्य कहें या फिर बेपरवाही, जो विकास के लिए 2-4 साल से नहीं बल्कि 42 वर्षों से मुंह चिढ़ा रहा है…। यह कहानी है ट्रांसपोर्ट नगर की। शहर में यातायात की समस्या से निजात दिलाने, बेहतर कारोबार व कारोबारियों को एक उचित स्थान दिलाने के लिए पुरैनी में योजना बनी। अबतक यह योजना मूर्तरूप नहीं ले पाई। इसकी मुख्य वजह अबतक नगर निगम के जनप्रतिनिधियों व अफसरों द्वारा गंभीरता से ध्यान न देना है। हद तो तब हो गई कि 2012 से लीज पर प्लांट आवंटित करने के बाद शिफ्टिंग की कार्रवाई नहीं हुई। अब वर्तमान नगर सरकार कदमताल कर रही है, लेकिन ढाई साल से अधिक का वक्त बीत गया है, लेकिन राहत की राह आसान नहीं दिख रही। सिर्फ 8 ट्रांसपोर्टरों की लीज निरस्तीकरण व बैठकें लेकर वाहवाही बटोरी जा रही है। शहर की जनता परेशान है। बता दें कि 2012 में यहां पर 114 लोगों को प्लांट आवंटन की प्रक्रिया अनाई गई, जिसमें से 103 को आवंटन हुआ। कुछ माह पहले 8 की लीज निरस्त कर दी गई, शेष बचे 95 ट्रांसपोर्टर में से सिर्फ 55 ने ही निर्माण किया है व प्रक्रिया अपनाई है।
अधिकारियों के साथ मिलकर विस्तृत चर्चा
शहर विकास के लिए ट्रांसपोर्ट नगर विस्थापन के अहम विषय को ध्यान में रखते हुए महापौर प्रीति सूरी ने निगमाध्यक्ष मनीष पाठक के साथ विगत दिवस अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक बुलाई। बैठक में सर्वप्रथम महापौर ने अधिकारियों से 95 ट्रांसपोर्टर से कितने लोगों द्वारा भवन अनुज्ञा प्राप्त कर लिया है, कितने ट्रांसपोर्टर्स द्वारा आवेदन दिया गया, कितने नक्शा स्वीकृत किए जा चुके हैं, कितने भू-खंड धारियों द्वारा निर्माण कराया गया एवं बचे हुए शेष किन लोगों द्वारा भवन अनुज्ञा नहीं ली एवं उन पर क्या कार्यवाही की गई इसकी संपूर्ण जानकारी मांगी गई। जिस पर अधिकारियों बताया कि 55 भू-खंड धारियों द्वारा भवन अनुज्ञा प्राप्त कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। महापौर ने बचे हुए शेष ट्रांसोपोर्टर्स की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए भवन अनुज्ञा, अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए ट्रांसपोर्ट नगर में ही शिविर आयोजित किए जाने निर्देश दिए हैं। साथ ही नगर हित को ध्यान में रखते हुए अन्य मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में आयुक्त नीलेश दुबे सहित अन्य अधिकारी व पार्षद मौजूद रहे।
समिति कर रही जांच
नगर निगम द्वारा एक जांच समिति का भी गठन किया गया है। यह समिति उपयंत्री शैलेंद्र प्यासी के नेतृत्व में एक 5 सदस्यीय बनाई गई है। टीम इस आशय का सर्वे कर रही है मौके पर निर्माण के लिए कितने नक्शे पास हुए हैं। नक्शे पास करने के बाद कितने लोग निर्माण कर रहे हैं। किन वजह से शेष ट्रांसपोर्टर अबतक नक्शा पास कराकर निर्माण की प्रक्रिया नहीं शुरू कर रहे।
मौके पर लगाया जाएगा शिविर
नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि अब कुछ दिन में ट्रांसपोर्ट नगर में ही ट्रांसपोर्टरों की समस्या का समाधान करने के लिए मौके पर शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर के माध्यम से निर्माण के लिए नक्शा पास कराने, किराया जमा कराने, आवेदन जमा कराने सहित अन्य प्रक्रिया कराई जाएगी, ताकि शीघ्र ट्रांसपोर्ट नगर शिफ्टिंग की कहानी आगे बढ़ सके।
115 के आवंटन की सुस्त चाल
ट्रांसपोर्ट नगर में अभी भी मौके पर 115 प्लांट खाली पड़े हैं, जिनके आवंटन की प्रक्रिया ट्रांसपोर्टरों को अबतक नहीं की गई है। इसको लेकर भी पहल ठंडे बस्ते में है। इसकी मुख्य वजह यह है कि शेष ट्रांसपोर्टर नो प्रॉफिट-नो लॉस की तर्ज पर मांग कर रहे हैं, लेकिन नगर निगम कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार देने की बात कह रही है, हालांकि नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा किए गए पत्राचार में पूर्व से ही चिन्हांकित 266 प्लांटों के आवंटन की जानकारी मांगी है, जिसके संबंध में अबतक कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई।
Updated on:
29 Jan 2025, 8:39 PM IST
Published on:
29 Jan 2025, 8:39 PM IST
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