
Vasudha Falls did not become a tourism point
कटनी. जिले के वनवासी गांव वसुधा में प्राकृतिक फॉल को इको टूरिज्म पाइंट का रूप एक साल में नहीं मिल सका है। पूर्व कलेक्टर ने फॉल और आसपास का सुंदरता को देखते हुए ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा विभाग को स्थल को डेवलप करने का प्रस्ताव तैयार कराने को कहा था। प्रस्ताव तैयार हुआ लेकिन उसके बाद नियमों के आड़े आ जाने से उसपर काम नहीं हो सका। रीठी तहसील के गांव में वसुधा की गार कहे जाने वाले क्षेत्र में प्रकृति का सौंदर्य देखने लोग दूर-दूर से पहुंचते हैं लेकिन उसे आने वाले लोगों के हिसाब से विकसित करने की योजना थी। पूर्व कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने 19 अगस्त 2017 को पर्यटन विकास समिति की बैठक में वसुधा में पर्यटन के विकास की संभावनाओं को देखते हुए स्थल को डेवलप करने आरइएस को काम सौंपा था। जिसमें जिसमें वीव पाइंट, बैंच व्यवस्था, साइन बोर्ड, रेलिंग के अलावा नीचे वाटर स्ट्रक्चर डेवलप किया जाना था।
28 लाख की बनी थी योजना
पर्यटन समिति की बैठक के बाद आरइएस ने वसुधा फॉल के आसपास के एरिया को डेवलप करने का प्रस्ताव तैयार किया था। जिसमें 28 लाख रुपये से विकास के काम कराए जाने थे। राशि जिला प्रशासन द्वारा खनिज मद से दी जानी थी लेकिन मद के नियमों में बदलाव आ जाने के बाद योजना की फाइल पड़ी रह गई। एक साल बीतने पर भी प्रकृतिक स्थल तक सुविधाजनक तरीके से लोग पहुंच सके और आनंद उठा सकें, इसका इंतजाम नहीं हो सका है।
बारिश में पहुंच रहे लोग
वसुधा गार के फॉल और आसपास का जंगल का सौंदर्य लोगों को आकर्षित कर रहा है। बारिश के साथ ही चारों ओर की हरियाली और उसके बीच से सैकड़ोंं फीट ऊंचाई से गिरते पानी को देखने लोग रीठी के साथ जिला मुख्यालय से भी पहुंचते हैं।
इनका कहना है...
वसुधा को इको टूरिज्म पाइंट के रूप में डेवलप करने प्रस्ताव तैयार कराया गया था और कलेक्टर को भेजा गया था। खनिज मद से काम कराया जाना था लेकिन नियमों में कुछ बदलाव के कारण योजना आगे नहीं बढ़ सकी है।
सुरेश टेकाम, कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकीय सेवा
Updated on:
31 Jul 2018 12:46 pm
Published on:
31 Jul 2018 12:29 pm
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