
18 मार्च की सुबह ओएफके के महाप्रबंधक वीपी मुंघाटे ने विजयंत टैंक का किया लोकार्पण.
कटनी. युद्ध में दुश्मनों के छक्के छुड़ाने वाली भारतीय सेना के अदम्य साहस का गवाह विजयंत टैंक को ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कटनी (ओएफके) के मुख्य द्वार पर ईस्ट लैंड आवासीय परिसर में रखा गया। आयुध निर्माणी संगठन के 219 वें स्थापना दिवस के अवसर पर 18 मार्च को विजयंत टैंक को आमजनों के देखने के लिए खोल दिया गया।
18 मार्च की सुबह ओएफके के महाप्रबंधक वीपी मुंघाटे ने इसका लोकार्पण किया। विजयंत टैंक के लोकार्पण अवसर पर उन्होंने बताया कि भारत-पाकिस्तान के बीच 1971 की लड़ाई में इस टैंक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। उन्होंने बताया कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री संगठन की पहली फैक्ट्री 1801 में कलकता काशीपुर में 18 मार्च को प्रारंभ हुआ था। संगठन के 219 वें स्थापना दिवस के अवसर पर देशभर में ओएफके के सभी अलग-अलग इकाइयों में स्थापना दिवस पर कार्यक्रम आयोजित हुआ।
ओएफके महाप्रबंधक ने विजयंत टैंक के बारे में बताया कि 1971 के युद्ध में 13 दिन में पाकिस्तानी सेना को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। एव्हीएफ चैन्नै मेंं निर्मित यह टैंक देश का पहला स्वदेशी युद्धक टैंक था। कटनी में विजयंत टैंक का लोकार्पण करते हुए महाप्रबंधक ने बताया कि इसे देखकर वर्तमान और भावी पीढ़ी सेना के सौर्य और भारतीय आयुध निर्माणी के योगदान से प्रेरित हो सकेगी।
Published on:
19 Mar 2020 09:08 pm
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