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पर्यटन विभाग में जाते ही ताले में कैद हुआ विजयराघवगढ़ किला

1857 की क्रांति का है प्रमुख स्मारक व जिले की धरोहर है किला, पुरातत्व विभाग से छिनने के बाद होटल-हेरीटेज में हो जाएगा तब्दील

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कटनी

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Balmeek Pandey

Sep 01, 2023

पर्यटन विभाग में जाते ही ताले में कैद हुआ विजयराघवगढ़ किला

पर्यटन विभाग में जाते ही ताले में कैद हुआ विजयराघवगढ़ किला

कटनी. स्वाधीनता संग्राम व 1857 की क्रांति की गवाही दे रहा विजयराघवगढ़ का किला आखिरकर होटल-हेरीटेज में तब्दील होने के लिए पर्यटन विभाग में पहुंच ही गया। विरोध के स्वर काम आए ना ही राजघराने की सीएम से लेकर पीएम तक भेजी गई आपत्ति। 11 अगस्त को किला के जाते ही ऐतिहासिक धरोहर ताले में कैद हो गया है। आजादी का जश्न स्वतंत्रता दिवस मनाने के बाद किले में विभाग द्वारा ताला जड़ दिया गया है, अब इसका दीदार भी होना बंद हो गया और आस्था पर भी ठेस पहुंचने लगी है, क्योंकि यहां पर ब्रम्ह स्थान है, जहां पर पूजन के लिए लोग नहीं पहुंच पा रहे हैं।
स्वतंत्रता संग्राम में सबसे पहले अंग्रेजी हुकूमत की बगावत करने वाले व अंग्रेज को पहली गोली दागने वाले क्षेत्र की शान विजयराघवगढ़ युवराज ठाकुर राजा सरयू प्रसाद का किला प्रमुख धरोहरों में से एक है। 1857 में ब्रिटिश हुकूमत ने जब्त कर लिया था, आजादी के बाद शासन के आधीन रहा, सीएम अर्जुन सिंह के कार्यकाल में पुरातत्व विभाग में शामिल हो गया था। पुरातत्व विभाग द्वारा कई बार जीर्णोद्धार भी कराया गया। 2018 से इसे पर्यटन विभाग में देने की प्रक्रिया चल रही थी, अब उसे सौंप दिया गया है। स्वतंत्रता संग्राम का प्रमुख स्मारक पर्यटन विभाग में जाने से यदि होटल आदि में तब्दील होता है तो फिर किले की गौरवगाथा समाप्त हो जाएगी।

टेंडर के बाद हुई प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार मप्र के 5 किलों का टेंडर हुआ था, हेरीटेज बनाने के लिए टेंडर किया गया था। संस्कृति मंत्री ऊषा सिंह ने खामी के चलते रदद्् कर दिया था। अब फिर से हेरीटेज होटल बनाने के लिए टेंडर निकाला गया। यह तय किया गया था कि इन्वेसटर्स लीज पर देकर किले को होटल व हेरीटेज बनाया जाएगा।

पूर्व में आ चुकी है आपत्ति व हो चुका है विरोध
मार्च 2018 में भी आपत्ति दर्ज कराई गई थी। रानी सोमप्रभा देवी ने आपत्ति दर्ज कराई थी कि 1857 की क्रांति के प्रमुख स्मारक विजयराघवगढ़ किला को पुरातत्व विभाग से पर्यटन में न दिया जाए। इसको लेकर एसडीएम ने कलेक्टर को भी पत्राचार किया था। 8 अगस्त 21 को रानी की बेटियां शारदा देवी व सीता देवी ने प्रधानमंत्री कोभी पत्र लिखकर कहा था कि इसे पुरातत्व विभाग में ही रहने दिया जाए। अब पर्यटन विभाग को किला सौंपे जाने से राजा सरयूप्रसाद के वंशजों में फिर निराशा का भाव है। उस दौरान स्थानीय लोगों ने भी विरोध किया था। ऐतिहासिक धरोहर को हेरीटेज बनाने को लेकर कांग्रेसियों ने भी जमकर विरोध प्रदर्शन किया था।

वर्जन
कई दिनों से यह प्रक्रिया चल रही थी। शासन के आदेश पर पुरातत्व विभाग से पर्यटन विभाग को विजयराघवगढ़ किला दिया गया है। 11 अगस्त को पर्यटन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया। हेरीटेज बनाने आदि की प्रक्रिया पर्यटन विभाग करेगी।
केएल डाभी, डिप्टी डायरेक्टर, राज्य पुरातत्व विभाग।