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पर्यटन विभाग ने शासन से मांगा विजयराघवगढ़ के राजा का किला…

पर्यटन विभाग ने हेरीटेज को मांगा, विभाग को मिलने के बाद निकाली जाएगी होटल बनाने निविदा

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कटनी

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Mukesh Tiwari

Sep 28, 2019

 Vijayaraghavgarh fort will be a heritage

विजयराघवगढ़ किला।

कटनी. जिले के पर्यटनों में शामिल विजयराघवगढ़ किला पुरातत्व विभाग के पास से अब शासन के अधीन हो गया है। जिसे हेरीटेज के रूप में विकसित करने अब पर्यटन विभाग ने कलेक्टर से किले को मांगा है और शासन स्तर से कार्रवाई पूरी होने के बाद विभाग उसे होटल के रूप में विकसित करने निविदा आमंत्रित करेगा। विजयराघवगढ़ रियासत के राजा प्रयागदास के पुत्र सरजू प्रसाद ने 1857 में अंग्रेजों से लोहा लिया था। उनके किले की बनावट और नक्काशी के साथ ही सुरक्षा के बेहतर इंतजाम किए गए थे। किला दो ओर से नदियों से घिरा है जबकि एक ओर से पहाड़ है। किला पुरातत्व विभाग के अधीन था और उसे देखने रोजान सैलानी पहुंचते हैं। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व पर्यटन विभाग (निवेश)के अधिकारियों की टीम ने किले का दौरा किया था। किले का आकर्षण व नक्काशी देखकर उसे हेरीटेज के रूप में विकसित करने की योजना बनाई थी। विभाग के अनुसार उमरिया के टाइगर रिजर्व बांधवगढ़, खजुराहो व जबलपुर के बीचों किले को हेरीटेज बनाने से सैलानियों को एक नया स्थान मिलेगा। प्रदेश स्तर से कार्रवाई के बाद किले सरकार को सौंपा गया है। जिसे अपने अधीन करने के लिए मप्र पर्यटन विभाग ने जिला प्रशासन से पत्राचार किया है। विभाग को किला मिलने के साथ ही उसे होटल के रूप में विकसित करने की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी।
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जिले के पर्यटन स्थलों के विकास पर भी काम
जिले में विजयराघवगढ़ किले के साथ ही बिलहरी, रूपनाथधाम, रीठी के मुहांस, कारीतलाई, खितौली की वनसंपदा, वसुधा वाटर फाल, भौगोलिक केन्द्र बिंदु करौंदी, जोगिया बाबा स्थल, कटाएघाट प्राचीन मंदिर सहित अन्य स्थानों के विकास को लेकर स्थानीय जिला पर्यटन संवर्धन परिषद द्वारा भी योजना तैयार कराई जा रही है। इसके अलावा जिले में जगह-जगह फैली पुरातत्व महत्व की वस्तुओं को संग्रहित करने भी संग्रहालय में बनाने जमीन की तलाश की जा रही है।
इनका कहना है...
विजयराघवगढ़ किले को हेरीटेज के रूप में विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। पुरातत्व विभाग से किला शासन को मिल गया है और कलेक्टर से पत्राचार कर पर्यटन विभाग ने उसे मांगा है। विभाग को किला मिलते ही निविदा आमंत्रित कर उसे होटल के रूप में विकसित करने का कार्य कराया जाएगा।
एसके झारिया, महाप्रबंधक, मप्र पयर्टन विभाग (निवेश)