
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के नाम पर ठगी का खुलासा, शादी कराने के लिए दूल्हा-दूल्हन ऐंठे इतने हजार रूपये
भदोही. जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित विवाह समारोह में शादी करने पहुंचे एक जोड़े के अरमानों को बिचौलियों की ऐसी नजर लगी कि उसकी शादी नही हो सकी। कार्यक्रम स्थल पर खुलासा हुआ कि बिचौलिये ने शादी कराने के नाम पर जोड़े के परिवार से तीन हजार रुपये वसूल लिए और उन्हें कार्यक्रम स्थल पर बुलाकर खुद फरार हो गया।
इधर सामूहिक विवाह योजना की लिस्ट में जोड़े के नाम न होने से उनकी शादी नही कराई गई जिससे बाद शादी करने आये युवक-युवती और उनके परिजन दुखी होकर वापस लौट गए। आरोप है कि बिचौलिये ने शादी कराने के नाम पर पैसे लिए लेकिन उनका पंजीयन नही कराया। भदोही के ज्ञानपुर में समाज कल्याण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन ज्ञानपुर के जीआईसी में किया गया था। यहां 32 जोड़ो को शादी कराई जा रही थी। इस दौरान जिले के रमईपुर की मनीषा और इलाहाबाद के सेवा निवासी विकास एक दूसरे से शादी करने अपने परिवार के साथ पहुंचे थे।
लेकिन विभाग द्वारा तैयार किये गए लिस्ट में नाम न होने से उन्हें शादी से वंचित कर दिया गया इसके बाद जोड़े के परिजन हंगामा करने लगे तब जाकर खुलासा हुआ कि उनसे एक बिचौलिये ने शादी कराने के नाम पर तीन हजार रुपये वसूल लिए हैं। आरोप है कि शादी के नाम पर तीन हजार रुपये वसूलने वाले बिचौलिये ने आज शादी के लिए दोनो पक्षो को कार्यक्रम स्थल पर बुलाया था लेकिन। जब शादी के लिए सभी पहुंचे तो बिचौलिये से उनकी मुलाकात हुई लेकिन बाद में वह मौके से गायब हो गया। वहीं विभाज की लिस्ट में नाम न होने के कारण शादी से वंचित दोनो पक्ष दुखी होकर लौट गए।
इस मामले के सामने आने के बाद अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह सामूहिक विवाह योजना के नाम पर बिचौलिये लोगों के अरमानों से साथ खेल रहे हैं। सामूहिक विवाह योजना में बिचौलियों का दबदबा इसलिए देखने को मिलता है कि इसमें जोड़ो को बीस हजार रुपये के साथ दस हजार रुपये के गृहस्थी का सामान विभाग द्वारा दिया जाता है। इस अनुदान को दिलाने के नाम पर बिचौलिये वसूली करते हैं।
Published on:
11 Jul 2018 10:01 pm
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