
Kaushambi: कौशांबी के भरवारी में खसरा रजिस्टर से छेड़छाड़ कर एक तिमंजिला मकान पर कब्जा किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर भवन पर अपना दावा दर्ज करा लिया। इस मामले की शिकायत सीएम योगी से हुई, तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया।
सीएम दरबार पहुंची शिकायत, बड़ा एक्शन
भरवारी के शाहगंज मोहल्ले की रहने वाली राजदुलारी, पत्नी स्वर्गीय उमाशंकर केसरवानी, लगातार स्थानीय अधिकारियों के चक्कर लगाती रहीं, लेकिन सुनवाई न होने पर उन्होंने मामला सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन में रखा। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तत्काल 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हो गया।
FIR में पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता, पूर्व चेयरमैन कैलाश केसरवानी, उनकी पत्नी सुनीता केसरवानी समेत कई नाम शामिल हैं।
1970 में खरीदी थी जमीन
राजदुलारी के अनुसार, खसरा संख्या 1711 की यह जमीन उनके परिवार ने 1970 में नीलामी के दौरान खरीदी थी। बाद में इसी पर तिमंजिला मकान भी बनवाया गया। आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर खसरा रजिस्टर में फेरबदल कर दिया गया और उनके ससुर की दूसरी पत्नी के बच्चों के नाम से फर्जी कागजात तैयार करा लिए गए।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि भवन पर कब्जा पूर्व चेयरमैन कैलाश केसरवानी के लोगों ने कर रखा है, और विरोध करने पर धमकियां भी दी गईं।
कई गंभीर धाराओं में केस
कोखराज कोतवाली पुलिस ने मामले में BNS की धाराएं 318(4), 337, 338, 329(4), 336(3), 340, 115(2), 351(2), 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पूर्व विधायक ने रखा अपना पक्ष
उधर, पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता ने सभी आरोपों से इंकार किया है। उनका कहना है कि यह मामला एक पारिवारिक विवाद है, जिसे राजनीतिक रंग देकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। यह उनके खिलाफ एक साजिश के तहत हुआ है।
Updated on:
19 Nov 2025, 7:26 AM IST
Published on:
19 Nov 2025, 7:26 AM IST
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