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उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एआरटीओ ऑफिस में उपस्थित होकर एक 'मुर्दे' ने अपनी ही गाड़ी दूसरे के नाम ट्रांसफर करा दी। मामले की जानकारी जब परिजनों को हुई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने एआरटीओ में इसकी शिकायत की। जब मामले की जांच की गई तो पूरे खेल के पता लगा। जांच के बाद एआरटीओ ने दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है।
दूसरे को बनाया पति
मामला सेना कोतवाली के डोरमा गांव का है। गांव के रहने वाले अशोक कुमार के पुत्र अनुराग कुमार की 15 जून, 2022 को सड़क हादसे में मौत हो गई थी। बेटे की मौत के बाद परिजन उसके क्रिया क्रम में लगे हुए थे। इस बीच मृतक अनुराग की पत्नी पूनम दहेज में मिली दो पहिया वाहन समेत अन्य सामान लेकर मायके जाने की जिद पर अड़ी रही। घर वालों ने रोकने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं मानी। मायके पहुंचने के बाद उसे लगा कि कहीं ससुराल वाले गाड़ी देने में व ट्रांसफर में मुसीबत न खड़ी कर दें। इसलिए उसने किसी अन्य व्यक्ति को अपनी पति बताकर गाड़ी ट्रांसफर की योजना बनाई। 23 जून, 2022 को दोपहिया वाहन को अपने नाम ट्रांसफर करवाने के लिए एआटीओ ऑफिस पहुंच कर प्रार्थना पत्र दिया। मौजूद बाबू से संपर्क कर अपने मृतक पति की गाड़ी अपने नाम ट्रांसफर कराने की बात कही। आरोप है कि एक दूसरे आदमी को खड़ा करके उसे अपने अपना पति बताया और गाड़ी अपने नाम ट्रांसफर करवा लिया।
ट्रांसफर पेपर रद्द
मृतक अनुराग की गाड़ी पत्नी के नाम ट्रांसफर हो जाने की खबर जैसे ही उनको परिजनों को लगी तो परिजनों ने इस पूरे मामले की जानकारी मीडिया को दिया। मामला मीडिया में आ जाने के कारण एआरटीओ ऑफिस ने आनन-फानन में दोषी के खिलाफ जां व कार्रवाई की बात कही। इस मामले में एआरटीओ तारकेश्वर मल ने खुद मीडिया के सामने यह कबूल किया कि मृतक की पत्नी ने किसी दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर गाड़ी को ट्रांसफर करा लिया है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस मामले में दोनों पक्षों को नोटिस दे जवाब तलब किया गया है। मृतक की जो गाड़ी ट्रांसफर की गई है उसके पेपर रद्द कर दिया गया है।
Published on:
22 Jul 2022 11:49 pm
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