
School Bag
कौशाम्बी. स्कूल बैग का बोझ कम होने की खबर से खिल उठे चेहरे अभिभावकों ने भी की सराहना, कहा बच्चों के कंधे से अतरिक्त बोझ हटेगा मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्कूली बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने का फरमान जारी कर दिया है। सरकार के इस फरमान से स्कूली छात्र/छटाओं समेत उनके अभिभावकों के खेहरे खिल उठे हैं। बच्चों का मानना है कि उन्हे अब ऐसी कितबे स्कूल नहीं ले जानी पड़ेगी जिसकी हर रोज पढ़ाई नहीं करनी होती। इतना ही नहीं स्कूल बैग का बोझा कम रहेगा तो उन पर थकान हावी नहीं होगी और पढ़ाई मे अच्छे से ध्यान लगेगा। अभिभावक भी सरकार के इस फैसले से गदगद हैं।
सरकार के नए सर्कुल को लेकर स्कूली छात्र/छात्राओं व उनके अभिभावकों मे जबरजस्त उत्साह है। स्कूली बच्चे जहां इस फैसले से चहक रहे हैं वहीं उनके माता-पिता को भी अपने बच्चों की सेहत को लेकर अधिक फिक्रमंद नहीं होना पड़ेगा। अभी तक कक्षा एक से लेकर कक्षा दस तक के बच्चों को दो से दस किलों तक की कापी-किताबें व अन्य शैक्षिक समग्रियों को बैग मे भरकर स्कूल ले जाना पड़ता था। लेकिन सरकार के इस नए फैसले से अब डेढ़ किलों से लेकर कुल पांच किलों ग्राम तक की शैक्षिक सामग्री से भरे बैग ही स्कूल ले जाना पड़ेगा|
छात्र/छात्राओं का कहना है कि उन्हे अनावश्यक पाठ्य सामाग्री स्कूल ले जाने की जहमत नहीं उठानी पड़ेगी। अभी तक कक्षा तीन से लेकर पांच तक के छात्रों को छह किलोग्राम से अधिक वजन के बस्ते ले जाना पड़ता था। दूर से आने वाले बच्चे बैग के भोज तले दबे रहते थे। ऐसे मे उनकी पढ़ाई अव्यवस्थित हो जाती थी। शारीरिक बीमारियों की चपेट मे अलग से आ जाते थे। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के कंधों से स्कूल बैग का बोझ कम होगा तो उनका शारीरिक विकास तेजी से बढ़ेगा। इतना ही नहीं उनकी मानसिक शक्ति मे भी तेजी से ग्रोथ होगा। फिलहाल सरकार के इस फैसले से हर तबके के लोग प्रसन्नता जता रहे हैं।
By-Shiv Nandan Sahu
Updated on:
28 Nov 2018 01:20 pm
Published on:
27 Nov 2018 04:50 pm

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