
टूट गया राजा भैया का तिलिस्म, नहीं चला जादू मेहनत गई बेकार
कौशांबी. लोकसभा चुनाव से पहले कुंडा के निर्दल विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी का गठन कर चुनावी मैदान में ताल ठोका था। कौशांबी व प्रतापगढ़ लोकसभा सीट से राजा ने अपने उम्मीदवार उतारे। दोनों ही सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए राजा भैया ने दिन रात जमकर मेहनत किया। इसके बावजूद जो परिणाम आया उसमें राजा कहीं भी नहीं टिक सके। राजा भैया के अभेद दुर्ग कहे जाने वाले बाबागंज व कुंडा विधानसभा में भाजपा के साथ ही गठबंधन के उम्मीदवार ने तगड़ी सेंधमारी कर खूब वोट हासिल किए।
कुंडा व बाबागंज में राजा भैया को विधानसभा में मिले मत से काफी कम वोट हासिल हुए। कौशांबी की तीन विधानसभाओं में राजा की पार्टी को बीस हजार वोट इकट्ठा करने में नाको चने चबाने पड़े। लोकसभा चुनाव में पहली बार ताल ठोक चुनावी समर में कूदे रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के कौशांबी उम्मीदवार शैलेंद्र कुमार को 156406 मत हासिल हुए। शैलेन्द्र कुमार को कुंडा में 82252 मत मिले, जबकि बाबागंज में 53845 मिले।
वही कुंडा में भाजपा व गठबंधन उम्मीदवार के मिले मतों का जोड़ 88783 होता है जो जनसत्ता पार्टी के उम्मीदवार से अधिक है। इसी तरह बाबागंज में भाजपा व गठबंधन उम्मीदवार को मिला मत 89614 जनसत्ता दल उम्मीदवार के मत से काफी अधिक है। मतों के आंकड़ों के हिसाब से राजा भैया अपने तिलिस्म को नहीं बचा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजा भैया का जादू इस बार कुंडा व बाबागंज में नहीं चल सका। राजा भैया मोदी मैजिक में अपने परंपरागत मतदाताओं को भी साथ रखने में कामयाब नहीं हुए। 2017 के विधानसभा चुनाव में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को कुंडा विधानसभा से 136597 मत थे। जबकि उनके साथी विनोद सरोज को बाबागंज से 87778 मत प्राप्त हुए थे। लोकसभा के चुनाव में विधानसभा का प्रदर्शन राजा भैया व विनोद सरोज नहीं दोहरा सके। कुल मिलाकर लोक सभा के चुनाव रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का जादू कौशांबी व प्रतापगढ़ लोकसभा संसदीय सीट पर नहीं चला।
Published on:
25 May 2019 06:20 pm
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