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प्रधानमंत्री की ड्रीम योजना में करोड़ो का घोटाला, छह अधिकारी निलंबित

प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत 115 अपात्रों को आवंटित हुए आवास, रिकवरी की नोटिस जारी

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कौशांबी. सरकारों के लाख दावों के बावजूद भ्रष्टाचार थम नहीं रहा। शासन सख्त रूख दर्शा रहा है, वहीं अधिकारी लूट-खसोट में जुटे हैं। एक तरफ जहां सरकारें 2022 तक प्रत्येक व्यक्ति के सिर पर छत मुहैया कराने का दावा कर रही हैं, वहीं इसके लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री आवास योजना में भी जमकर धांधली हो रही है। जनपद में प्रधानमंत्री आवास योजना में सवा करोड़ का घोटाला सामने आया है। घोटाला उजागर होने के बाद हरकत में आए प्रशासन ने रिकवरी की नोटिस जारी करने के साथ ही छह बीडीओ को निलंबित कर दिया है। कई ग्राम प्रधानों को भी नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।
जानकारी के अनुसार जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में आवास वितरित किए गए थे। आवास आवंटन के बाद सभी लाभार्थियों के खाते में पैसा भी भेज दिया गया। लाभार्थियों के चयन में व्यापक धांधली की शिकायतें निरंतर मिल रही थी, जिसका संज्ञान लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी हीरालाल ने जब जांच कराई, तो व्यापक धांधली का खुलासा हुआ। मे जांच के बाद खुलासा हुआ कि पूरे जनपद में 115 अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास आवंटित कर दिए गए। इस योजना के तहत सवा करोड़ रुपये घोटाले का मामला सामने आया।


आवंटित हुए थे 14593 आवास

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में 14598 पात्र लाभार्थियों को आवास दिए जाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 14593 पात्रों का चयन कर योजना का लाभ दिया गया।


27 अधिकारियों की टीम ने की जांच

ग्राम पंचायत स्तर से लगातार धांधली की शिकायतें मिल रही थीं। जिसका संज्ञान लेते हुए 27 अधिकारियों से मामले की जांच कराई गई। जांच के बाद अधिकारियों द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में इस बड़े घोटाले का खुलासा हुआ। जिले के विभिन्न गांवों में 115 लाभार्थी अपात्र पाए गए। अपात्र लाभार्थियों मे ज़्यादातर को प्रथम किस्त की धनराशि आवंटित कर दी गई थी, जिससे उन्होंने आवास का आधारभूत ढांचा भी खड़ा कर लिया है।


पक्के मकान की छत पर भी बन रहे आवास

प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को चयनित करने की प्रक्रिया में किस कदर लापरवाही बरती गई है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई लाभार्थी अपने पक्के मकान की छत पर योजना के तहत मिले आवास का निर्माण करा रहे हैं। जांच आगे बढ़ी तो मामला परत दर परत खुला।


जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की मिलीभगत का खुलासा

जांच के बाद इस धांधली में जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की मिलीभगत का खुलासा हुआ है। गांव से लेकर जिला स्तर तक जनप्रतिनिधियों एवं सरकारी कर्मचारियों ने मिलीभगत करके इस घोटाले को अंजाम दिया गया है|

By: Shiv Nandan Sahu