
कौशांबी. गांव के अंदर बने सार्वजनिक खेल के मैदान पर कब्जा कर दुकानें बनाना दर्जन भर लोगों को फैसला गलत साबित हुआ। हाई कोर्ट के आदेश पर सभी कब्जा धारकों की दो दर्जन दुकानों पर तहसील प्रशासन ने बुलडोजर चलवा दिया। हालांकि इस दौरान अतिक्रमण हटाने गई राजस्व टीम को को जबरजस्त विरोध भी झेलना पड़ा। दर्जनों महिलाएं व बच्चे हाथ मे ईंट-पत्थर व डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और हंगामा करने लगे। इस पर दुकानों को ढहा रही जेसीवी मशीन को भी पीछे हटाना पड़ा। बाद में कई थानों की पुलिस बुलाकर दो दर्जन दुकाने गिराई गईं।
मामला सिराथू तहसील के अलीपुरजीता गांव का है। सिराथू तहसील के अलीपुरजीता गांव मे कौशांबी-फ़तेहपुर मार्ग किनारे सार्वजनिक खेल के मैदान पर गांव के ही 10 लोगों ने अवैध तरीके से कब्जा कर दो दर्जन दुकानें बनवा ली थीं। कई साल पहले बनी इन अवैध दुकानों के बाबत गांव के ही पूर्व ग्राम प्रधान रहबर अली ने हाईकोर्ट मे वाद दाखिल किया था।
हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद तहसीलदार सिराथू ने कब्जाधारकों को नोटिस देकर खेल के मैदान को खाली करने का आल्टीमेटम दिया था। रविवार को तहसीलदार सिराथू बीड़ी गुप्ता सैनी कोतवाली पुलिस व जेसीबी मशीन को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। राजस्व टीम ने जैसे ही दुकानों को गिराना शुरू किया वैसे ही महिलाए व बच्चे हाथों मे ईंट-पत्थर व डंडे लेकर जेसीबी के सामने आ गए।
अचानक हुए इस विरोध के बाद अतिक्रमण हटाने गए दस्ते को पीछे हटना पड़ा।
ग्रामीणों का विरोध देख तहसीलदार ने मौके पर कई थानों की पुलिस बुलवायी। विरोध कर रहे लोगों को समझने के बाद दो दर्जन दुकानों को गिरवा दिया। तहसीलदार बीड़ी गुप्ता का कहना है कि हाईकोर्ट के निर्देश के अनुपालन में खेल के मैदान पर किए गए कब्जे को गिरा कर खाली कराया गया है।
By Shivnandan Sahu