22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नर्सिंग होम एक्ट के तहत अवैध रुप से संचालित नर्सिंग होम पर कार्रवाई, लैब को किया सील

- कर्वधा जिले में अवैध रुप से संचालित अस्पताल और क्लीनिक पर शुरू हुई कार्रवाई- शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए क्लीनिक के सीलबंद करने की कार्रवाई शुरू की।

2 min read
Google source verification
nursing home

नर्सिंग होम एक्ट के तहत अवैध रुप से संचालित नर्सिंग होम पर कार्रवाई, लैब को किया सील

कवर्धा. अवैध रुप से संचालित अस्पताल व क्लीनिक पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। पांडातराई और पंडरिया में कई ऐसे क्लीनिक व अस्पताल है, जो वर्षों से संचालित है, लेकिन अवैध रुप से। शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए क्लीनिक के सीलबंद करने की कार्रवाई शुरू की।

पंडरिया ब्लाक अंतर्गत 289 क्लीनिक और झोलाछाप डॉक्टरों की सूची स्वास्थ्य विभाग के पास है, जो अवैध रुप से संचालित हो रहे हैं। नर्सिंग होम एक्ट 2013 के तहत आज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की टीम ने पंडरिया व पांडातराई के 6 अलग-अलग नर्सिंग होम संचालकों पर कार्रवाई की। सीएचएमओ डॉ. सुरेश कुमार तिवारी व बीएमओ पंडरिया डॉ. बीएल राज पांडातराई और पंडरिया नगर पंचायत दल-बल के साथ में कार्रवाई के लिए पहुंचे।

नगर पंचायत पांडातराई में मड़मड़ा रोड में कल्याण सिंग राजपूत के क्लीनिक से तीन बेड, सिरिंज (निडिल) जब्त किया गया। सेंट्रिलफूल मशीन व अन्य किट पाया गया। जांच में पाया गया कि यहां डिस्पोजल सिरिंज का कई बार इस्तेमाल किया जाता था। वहीं प्रतिबंधित दवाईयां भी बड़ी मात्रा में मिली। इससे पूर्व भी क्लीनिक को सील किया गया था, जिसे संचालक ने खुद खोलने की बात स्वीकार की है। पूरी कार्रवाई नर्सिंग होम एक्ट 2013 के तहत किया गया।

पांडातराई के कल्याण सिंग राजपूत व उदय साहू के नर्सिंग होम को सील किया गया। वहीं डॉ. भारत चन्द्रवंशी आशीर्वाद हॉस्पिटल पांडातराई के लैब को सील किया। जिसके पास आयुर्वेद का लाइसेंस है, लेकिन एलोपैथिक डॉक्टर के रुप में मरीजों का ईलाज व उपचार करते रहे। यहां पर भी स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की। जांच के दौरान कई क्लीनिक में डॉक्टर नहीं मिले, लेकिन उनके द्वारा लाईसेंस के लिए आवेदन किया गया है। जो कमियां पाई गई इसके लिए उन्हे नोटिस दिया गया है।

पांडातराई के बाद जांच टीम नगर पंचायत पंडरिया पहुंचे। जांच के दौरान पंडरिया के कवर्धा रोड स्थित रामकृष्ण हॉस्पिटल, लोरमी रोड स्थित गणेश हॉस्पिटल व मुंगेली रोड स्थित ओम हॉस्पिटल के संचालकों को बायोमेट्रिक वेस्ट मैनेजमेंट, फायर फाइटर व अन्य मानकों को पूरा नहीं करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। नगर में संचालित रामाकृष्ण हॉस्पिटल, ओम हॉस्पिटल, गणेश हास्पिटल में कोई भी योग्य डॉक्टर व स्टाफ नहीं मिला। वहीं बड़ी संख्या में अवैध दवाईयों का भण्डारण किया गया था। इसके चलते मेडिकल, एक्स-रे मशीन व लैब को सील किया गया।

दिन भर की जांच व कार्रवाई के दौरान लगातार अधिकारियों के मोबाईल घनघनाते रहे। जनप्रतिनिधि और छुटभैया नेता लगातार अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयाश भी करते रहे, लेकिन अधिकारियों ने हाई कोर्ट के आदेश को पूरा करने का ठान लिया था। इसी के चलते छुटभैया नेताओं की एक न चली।

सीएचएमओ कबीरधाम डॉ. सुरेश तिवारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्ष 2013 से नर्सिंग होम एक्ट लागू है, जिसके तहत सभी अस्पतालों, नर्सिंग होम, पैथलैब समेत फिजियोथैरेपी सेंटर का संचालन एक्ट के अनुसार किया जाना है। ऐसा नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है।

बीएमओ पंडरिया डॉ. बीएल राज ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए अवैध रुप से संचालित क्लीनिक और झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई किया जाना है। इसके चलते ही स्वास्थ्य अमला द्वारा पांडातराई और पंडरिया में सीलबंद और समान जब्त की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

Chhattisgarh से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter और Instagram पर ..

LIVE अपडेट के लिए Download करें patrika Hindi News

एक ही क्लिक में देखें Patrika की सारी खबरें