
CG Election: कवर्धा जिला पंचायत अध्यक्ष सीट अनारक्षित मुक्त हो चुकी है। इसके साथ ही नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के लिए सरपंच, पार्षद से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष तक आरक्षण प्रक्रिया हुई। अब केवल चुनाव तिथि घोषणा बाकी है। बीते पंचायत चुनाव में जिला पंचायत से लेकर जनपद तक महिलाओं का ही वर्चस्व था।
इस बार इसमें कुछ फेरबदल हुआ। जिला पंचायत अध्यक्ष अनारक्षित मुक्त है, जबकि बीते पंचवर्षीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति महिला रही। वहीं जिले के चारों जनपद पंचायत में महिलाएं विराजमान रही, जबकि इस बार बोड़ला अनारक्षित मुक्त है। बाकी तीन जनपद पंचायत में महिला आरक्षण है।
इस आरक्षण के साथ ही शासन व सरकार की ओर से नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारी शुरु हो चुकी है। आरक्षण प्रक्रिया पार्षद से शुरु हुई जो अब जाकर पंचायत अध्यक्ष आरक्षण पर जाकर खत्म हुई। अब केवल आचार संहिता लगने की देर है। वैसे भी इस बार नगरीय निकाय और पंचायत की चुनावी प्रक्रिया काफी देर से शुरु हुई। जबकि नगरीय निकाय में 6 जनवरी को शपथ ले चुके थे। वहीं पंचायत चुनाव फरवरी में पूर्ण हुआ था। इस बार आरक्षण प्रक्रिया ही 11 जनवरी को पूर्ण हुई। चर्चा के अनुसार दोनों चुनाव के लिए आचार संहिता एक साथ लगेगा, जबकि मतदान अगल-अलग तिथी पर संभव है।
तैयारी चल रही
आरक्षण के साथ ही राजनीतिक पार्टी की चुनावी तैयारी शुरु हो चुकी है। भाजपा की ओर से जिला अध्यक्ष ही बदल चुके हैं। वहीं चुनाव के लिए संभागीय संयोजक बनाए जा चुके हैं। जल्द ही जिला प्रभारी भी बनाए जाएंगे। साथ ही यह भी तैयारी शुरु हो चुकी है कि आरक्षण अनुसार किस कार्यकर्ता व पार्टी पदाधिकारी को किस पद के लिए चुनेंगे। दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से भी शहर और ग्रामीण अध्यक्ष की नियुक्ति की है। साथ ही चुनावी तैयारी को लेकर बैठक कर रही है।
Updated on:
12 Jan 2025 12:54 pm
Published on:
12 Jan 2025 12:51 pm
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