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विवादों में कबीरधाम जिला शिक्षा अधिकारी, लोग पूछ रहें क्या अपना वेतन रोकोगे DEO साहब, जानिए क्या है माजरा

ईओ कार्यालय से जारी उसी आदेश कॉपी में जिसमें डीईओ के हस्ताक्षर हैं असमर्थता शब्द गलत लिखा गया। इसके साथ ही प्राचार्यों को जारी आदेश में भी कई त्रुटियां हैं।

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विवादों में कबीरधाम जिला शिक्षा अधिकारी, लोग पूछ रहें क्या अपना वेतन रोकोगे डीईओ साहब, जानिए क्या है माजरा

विवादों में कबीरधाम जिला शिक्षा अधिकारी, लोग पूछ रहें क्या अपना वेतन रोकोगे डीईओ साहब, जानिए क्या है माजरा

कवर्धा. एक शिक्षक द्वारा एक शब्द नहीं लिख पाने के कारण डीईओ ने उनका एक एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दिया। लेकिन डीईओ कार्यालय से जारी उसी आदेश कॉपी में ही शब्द में त्रुटि है। सोशल मीडिया पर यह खूब वायरल हो रहा है। ऐसे में क्या स्वयं डीईओ अब अपना एक वेतनवृद्धि रोकेंगे। कुछ दिन पूर्व डीईओ एक प्राथमिक स्कूल पहुंचे वहां पर बिना मास्क लगाए बच्चों के बीच पहुंचे और कक्षा चौथी के एक बच्चे से प्रथम लाइन को पढऩे कहा गया, तो बच्चा नहीं पढ़ सका। वहीं पहाड़ा पढऩे से भी इनकार कर दिया। साथ ही शिक्षक को शब्द अंत्येष्टि लिखने कहा। शिक्षक उक्त शब्द को सही नहीं लिख पाया। इस पर डीईओ द्वारा उक्त शिक्षक का एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोके जाने का आदेश जारी कर दिया। लेकिन डीईओ कार्यालय से जारी उसी आदेश कॉपी में जिसमें डीईओ के हस्ताक्षर हैं असमर्थता शब्द गलत लिखा गया। इसके साथ ही प्राचार्यों को जारी आदेश में भी कई त्रुटियां हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षरयुक्त जारी आदेश कॉपी में कई शब्दों में त्रुटियां दिखाई दे रही है, जिसके चलते इसे सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल किया जा रहा है। अधिकारी से सवाल किए जा रहे हैं जब शिक्षक की एक शब्द गलत लिखने के कारण उसका एक वेतन वृद्धि रोका जा सकता है तो अब जिला शिक्षा अधिकारी को भी अपना एक वेतन वृद्धि रुकवा देना चाहिए, क्योंकि उनके हस्ताक्षर से जारी किए गए आदेश कॉपी में भी कई शब्द, मात्रा और वर्तनी त्रुटियां हैं।

लापरवाही कोविड-19 नियमों की अनदेखी
पिछले दिनों डीईओ राकेश पाण्डेय ने जिले के कई स्कूल का दौरा किया। बिना मास्क लगाए और पर्याप्त दूरी बनाए हुए बच्चे से मिलते व उनसे बातचीत की। इस दौरान बच्चे और शिक्षक मास्क लगाए रहे। बच्चे कुछ नहीं बता पाते तो फिर शिक्षकों की क्लास लेते। शिक्षकों को डांट फटकार लगाते हुए वीडियो भी बनवाया ताकि आम जनता के बीच इसे वारयल कर सके।

नाराजगी ऑडियो-वीडियो वायरल करने पर
डीईओ को पदभार ग्रहण किए अभी एक माह भी नहीं हुआ और विवाद शुरू हो गया। शिक्षक और राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा डीईओ के रवैए को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। मुख्य रूप से विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान जारी किए वीडियो और ऑडियो का, जिसमें डीईओ द्वारा शिक्षक-शिक्षिकों से कई तरह से सवाल किए और सही जवाब नहीं देने पर उन्हेंडांट फटकार लगाई है।

जानिए किसने क्या कहा...
प्रदेश अध्यक्ष, अजीत जोगी छात्र संगठन छग रवि चंद्रवंशी ने कहा कि डीईओ का शिक्षकों से बात करना, फिर उसको सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया में वायरल करना शासकीय सेवा अधिनियम आचरण के विरुद्घ सहित निजता के अधिकार का हनन है। सार्वजनिक अपमान कर खुद को अच्छा दिखाने से शिक्षा की गुणवत्ता नहीं सुधरेगी। उन्होंने बताया कि एक शिक्षक की छोटी सी गलती पर उनका वेतन वृद्धि रोकी गई है तो डीईओ कार्यालय से उस शिक्षक के वेतन वृद्धि जारी आदेश भी त्रुटिपूर्ण है क्यों न इस त्रुटि के संबंधित लिपिक व अधिकारी का भी वेतन वृद्धि रोका जाए।

प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजयुमो छत्तीसगढ़ कैलाश चंद्रवंशी ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी कबीरधाम के द्वारा मात्रात्मक त्रुटि के कारण ग्राम रक्से में पदस्थ शिक्षक का वेतन वृद्धि रोकने आदेश जारी किया गया है जबकि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी पत्र में ही मात्रात्मक त्रुटियां हैं। अत: समान न्याय व्यवस्था के तहत मात्रात्मक त्रुटि के कारण जब एक शिक्षक का वेतन वृद्धि रोका जा सकता है तब जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी पत्र में भी इसी प्रकार की मात्रात्मक त्रुटि है तब जिला शिक्षा अधिकारी पर भी ऐसी ही कार्रवाई होनी चाहिए।

छग शालेय शिक्षक संघ कबीरधाम जिलाध्यक्ष शिवेंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि डीईओ द्वारा स्कूल का निरीक्षण करने का वह स्वागत करते है लेकिन शिक्षिका का ऑडियो व अन्य शिक्षकों का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल करना उचित नहीं है। छात्र अगर कुछ बता पाने में असमर्थ है इसके लिए केवल शिक्षक को जिम्मेदार मानकर वेतनवृद्धि रोकना गलत है। दो वर्ष से कोरोना के कारण स्कूल बंद है। ग्रामीण व वनांचल क्षेत्रों में ऑनलाइन कक्षा का संचालन भी सफल नहीं हो पा रहा है। शिक्षा अधिकारी को छात्रों के गुणवत्ता के लिए मार्गदर्शन व उचित सलाह भी देना चाहिए।

जिला सचिव छग शालेय शिक्षक संघ रायपुर अब्दुल आसिफ ने कहा कि खुद को स्वयंभू मानकर अपने नाम के समक्ष श्री लिखवाना और शिक्षक से अंत्येष्टि लिखने को कहकर उसका उपहास उड़ाना फिर खुद जब उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखते हैं तो असमर्थता को गलत लिखना ये लिपकीय त्रुटि नहीं है। डीईओ साहब आपके अधूरे ज्ञान और इस पद तक कैसे पहुंचे ये अब जांच का विषय है। जिनके स्थानांतरण पर कोरिया जिले में फटाके फूटे थे उनको इस कृत्य के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए जिला कबीरधाम से हटाया जाए।