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तीन साल पुराने जमीन विवाद के कारण हत्या

ग्राम पाढ़ी और गांगपुर के सरहद मुख्य मार्ग में लेखराम दिवाकर उर्फ लाला राम का शव व उसका मोटर साइकिल रोड़ किनारे पड़ा था। पुलिस ने इस हत्या की गुत्थी को १२ घंटे में ही सुलझा लिया।

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कवर्धा. ग्राम पाढ़ी और गांगपुर के सरहद मुख्य मार्ग में लेखराम दिवाकर उर्फ लाला राम का शव व उसका मोटर साइकिल रोड़ किनारे पड़ा था। पुलिस ने इस हत्या की गुत्थी को १२ घंटे में ही सुलझा लिया।
घटनास्थल के आसपास बारिकी से अध्ययन करने और आसपास लोगों से पूछताछ करने पर पंडरिया पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली। वहीं मोबाइल के अंतिम कॉल की जानकारी ही मुख्य गवाह बना। सबसे पहले मनीष साकत(१९) से पूछताछ हुई इसी से अंतिम बार मृतक की बात हुई जो इस हत्याकांड का मास्टर माइंड था। इसके बाद इनके तीन साथियों शंकर चंद्रवंशी, कोमल चंद्रवंशी और दुर्गा चंद्रवंशी को अलग-अलग स्थान से पकड़ा जो मृतक से जमीन कब्जा को लेकर पुरानी रंजीश रखते थे। जबकि मनीष का विवाद घटना के एक दिन पहले ही लालाराम से हुआ था। चारों ने मिलकर लालाराम की हत्या की थी। पंडरिया पुलिस ने धारा 302, 34 भादवि कायम कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. लालउमेंद सिंह ने बताया कि पुलिस की पूछताछ के दौरान पता चला कि मृतक का गांव के शंकर चंद्रवंशी, कोमल चंद्रवंशी और दुर्गा चंद्रवंशी के मध्य करीब 05-06 वर्षों से जमीन संबंधी विवाद था। किसी से जमीन ली, जिस पर उक्त ग्रामीणों ने कब्जा किया। तीन साल पूर्व मृतक लालाराम कोर्ट से केस भी जीत गया। वहीं लालाराम घर बना लिया। नई गाड़ी खरीद ली, जिससे शंकर, कोमल और दुर्गा को जलन होने लगी, जो हत्या के पीछे का मुख्य कारण बना।

ऐसी हुई वारदात
३ अक्टूबर को मृतक लालाराम अपने मोटर साइकिल से मनीष साकत के घर गया। मनीष साकत द्वारा पण्डरिया से डीजल लाने की बात कहकर उसके मोटर साइकिल में बैठकर डीजल का डब्बा लेकर पण्डरिया की ओर निकल गए। उक्त सभी बात की पूरी जानकारी मनीष साकत द्वारा शंकर चंद्रवंशी और उनके पिता कोमल को लगातार देता रहा, जिस पर शंकर चंद्रवंशी द्वारा अपने पिता कोमल चंद्रवंशी व चाचा दुर्गा चंद्रवंशी के साथ गांगपुर के नाले के ढलान में डंडे लाठी के साथ घात लगाकर बैठ गए। आरोपियों द्वारा बताए गए स्थान पर जैसे की गाड़ी पहुंची तो लेखराम को गंदी-गंदी गाली गुप्तार करते हुए तीनों लोग लाठी डंडे से ताबड़ तोड़ वारकर उसके सिर और उसके शरीर पर गंभीर चोट पहुंचा। मनीष साकत द्वारा अपने पास रखे चाकू से लेखराम के गले को काट दिया, जिससे मौके पर ही लेखराम की मृत्यु हो गई।