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केबलीकरण नहीं: जमीन छूने को आतुर है लुंज-पुंज बिजली तार

ग्राम पंचायत राम्हेपुर और आश्रित ग्राम चंडालपुर के गलियों में बिजली तार लुंज पुंज होने के साथ ही बांस बल्ली के सहारे टिका हुआ है। शार्ट सर्किट होने से बचाने के लिए ग्रामीण 11 केव्ही विद्युत सप्लाई तार पर पत्थर और ईट लटकाए हुए हैं। ऐसे में ग्रामीणों के सिर पर हमेशा खतरा मंडरा रहा है।

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केबलीकरण नहीं: जमीन छूने को आतुर है लुंज-पुंज बिजली तार

केबलीकरण नहीं: जमीन छूने को आतुर है लुंज-पुंज बिजली तार

कवर्धा. बरबसपुर. जनपद पंचायत बोड़ला के अंतर्गत ग्राम पंचायत राम्हेपुर और आश्रित ग्राम चंडालपुर के गलियों में बिजली तार लुंज पुंज होने के साथ ही बांस बल्ली के सहारे टिका हुआ है। शार्ट सर्किट होने से बचाने के लिए ग्रामीण 11 केव्ही विद्युत सप्लाई तार पर पत्थर और ईट लटकाए हुए हैं। ऐसे में ग्रामीणों के सिर पर हमेशा खतरा मंडरा रहा है।
सिर पर मंडराते खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने विभाग को कई बार शिकायत कर थक चुके हैं। इसके बाद भी लुंज पुंज बिजली तार को दुरुस्त कराने विभाग के जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। एक तो हाई वोल्टेज बिजली तार लुंज पुंज हो चुका है और जमीन छूने को आतुर है। हालांकि ग्रामीणों ने लटकते बिजली तार को बांस-बल्ली के सहारे खड़ा किया है। ताकि किसी तरह हादसे से बचा जा सके। वहीं ग्राम वासियों ने बताया कि बिजली तार लुंज पुंज होकर जमीन छू रहा है। इसके चलते आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं हादसे का डर हमेशा बना रहता है। शिकायत के बाद भी विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और ध्यान नहीं दे रहे हैं। यदि बिजली तार को दुरुस्त कर दिया जाए और केबलीकरण कर दिया जाए तो ग्राम वासियों को खतरा से बचाया जा सकता है, लेकिन जिम्मेदार मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहा है।
बिजली चोरी पर हो सकता है जुर्माना
बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ दण्ड का भी प्रावधान है। कंपनी की मानें तो विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 अंतर्गत बिजली चोरी के मामलों में सजा अथवा जुर्माने हो सकता है। दोष साबित होने की स्थिति में बिल का छह गुना तक वसूला जा सकता है, लेकिन उपभोक्ताओं को सुविधा पहुंचाने के दिशा में कंपनी फिसड्डी साबित हो रहा है। बिजली कंपनी की ओर से सुविधा नहीं मिलने के कारण ग्रामीण खुद ही अपना जुगाड़ बना रहे हैं।
केबलीकरण की गति धीमी
आम लोगों से पूरी बिल वसूली करने वाली विद्युत कंपनी उपभोक्ताओं को सुविधा पहुंचाने के लिए कोई पहल करते नजर नहीं आ रहा है। शार्ट सर्किट और बिजली चोरी जैसे समस्याओं से निपटने के लिए केबलीकरण कारगर है, लेकिन गांवों में केबलीकरण प्रक्रिया ठप्प हो चुका है। आज भी ज्यादातर गांवों में केबलीकरण नहीं हो पाया है। इसके चलते बिजली सप्लाई हाई वोल्टेज तार लूंज-पूंज होकर हवा में झुल रहे हैं। यही कारण है कि ग्रामीण अंचल के गांवों में खुलेआम हुकिंग कर बिजली चोरी से लेकर शार्ट सर्किट के कारण आगजनी की घटनाएं सामने आती है। बावजूद गांवों में केबलीकरण की गति तेज नहीं हो पा रही है।